‘विकसित भारत 2047’ पर मोदी सरकार का महामंथन, आज से मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक, बड़े फैसलों पर नजर
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23 Sep 2026, 11:38 AM
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्रीय मंत्रिपरिषद के साथ 'चिंतन शिविर' (विचार-विमर्श सत्र) की एक सीरीज की अध्यक्षता करेंगे। यह मिड-टर्म समीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा है। पहला दो-दिवसीय सत्र बुधवार को शुरू होगा, जिसमें कामकाज की समीक्षा की जाएगी और 'विकसित भारत 2047' के अगले चरण के लिए प्राथमिकताएं और सुधार तय किए जाएंगे। मंत्रिपरिषद को कई समूहों में बांटा गया है। इन सत्रों के मुख्य विषयों में व्यक्तिगत कार्यक्षमता, प्रभावी संचार, केंद्रित कार्यान्वयन, मंत्रालय का कामकाज और हितधारकों (स्टेकहोल्डर्स) के साथ जुड़ाव शामिल हैं।सेवा तीर्थ में बुधवार से मंथन, मोदी दोनों सत्रों में होंगे शामिल
पहली बैठक बुधवार को शाम 4 बजे के आसपास 'सेवा तीर्थ' में होगी। इसके बाद गुरुवार को पूरे दिन का सत्र होगा। मोदी दोनों सत्रों में शामिल होंगे। सूत्रों के मुताबिक, सभी कैबिनेट मंत्रियों (उन मंत्रियों सहित जो समूहों का समन्वय नहीं कर रहे हैं) से संक्षिप्त सुझाव या विचार रखने की उम्मीद है। पिछले दो दिनों में, समन्वय करने वाले मंत्रियों के घरों या कार्यालयों में तैयारी बैठकें हुईं। अगले सप्ताह शिविर का एक और दौर होने की संभावना है।- यह प्रक्रिया मोदी की राज्य मंत्रियों के साथ नीति और कामकाज पर हालिया बातचीत और केंद्रीय मंत्रियों के साथ अलग से हुई समीक्षा के बाद हो रही है। उस समीक्षा में उनके कामकाज और सोशल मीडिया पर उनकी मौजूदगी जैसे विषयों पर फीडबैक साझा किया गया था। लगातार हो रही इन समीक्षाओं को राजनीतिक विश्लेषक बहुचर्चित कैबिनेट फेरबदल की संभावित आहट के तौर पर भी देख रहे हैं।
- इन चिंतन शिविरों में मंत्रालयों और विभागों, सचिवों के समूहों, कैबिनेट सचिवालय और नीति आयोग से मिले इनपुट का इस्तेमाल किया जाएगा। इनमें सुधार, जीवन को आसान बनाने (ईज ऑफ लिविंग), अनुपालन (कम्प्लायंस) के बोझ को कम करने और कामकाज से जुड़ी प्राथमिकताओं पर चर्चा होगी।
2021 से चल रही ‘विकसित भारत 2047’ की तैयारी
'विकसित भारत 2047' की प्रक्रिया 2021 से चल रही है। तब सचिवों के 10 समूह बनाए गए थे ताकि दीर्घकालिक विजन और अल्पकालिक व दीर्घकालिक रोडमैप तैयार किया जा सके। इसके लिए हितधारकों के साथ व्यापक परामर्श किया गया था। मंत्रिपरिषद के सामने इस विजन के विभिन्न पहलुओं पर पहले ही आठ प्रेजेंटेशन और चर्चाएं हो चुकी हैं। 2021 की यह प्रक्रिया कैबिनेट में बड़े फेरबदल के ठीक बाद हुई थी। एक सत्र को तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति ने भी संबोधित किया था।