जिन सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो रहा है, उनमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा, पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर और अरुण सिंह (सभी BJP से); और SP के रामगोपाल यादव शामिल हैं। पुरी का मंत्रियों की परिषद में एकमात्र सिख होना और वर्मा का लोध (UP के कुछ हिस्सों में एक प्रभावशाली OBC जाति) होना उनके पक्ष में जा सकता है, क्योंकि अगले साल की शुरुआत में पंजाब और UP दोनों में चुनाव होने हैं।
राज्यसभा की 12 सीटों पर चुनाव का बिगुल, BSP के सामने 37 साल बाद पहली बार संसद से बाहर होने की नौबत
नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने मंगलवार को राज्यसभा की 12 सीटों के लिए चुनाव की घोषणा की। अगर आखिरी समय में कोई अप्रत्याशित राजनीतिक गठबंधन नहीं होता है, तो BSP 1989 के बाद पहली बार संसद में बिना किसी प्रतिनिधित्व के रह जाएगी। दरअसल उसके एकमात्र सांसद रामजी गौतम का कार्यकाल नवंबर में खत्म हो रहा है।
जिन सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो रहा है, उनमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा, पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर और अरुण सिंह (सभी BJP से); और SP के रामगोपाल यादव शामिल हैं। पुरी का मंत्रियों की परिषद में एकमात्र सिख होना और वर्मा का लोध (UP के कुछ हिस्सों में एक प्रभावशाली OBC जाति) होना उनके पक्ष में जा सकता है, क्योंकि अगले साल की शुरुआत में पंजाब और UP दोनों में चुनाव होने हैं।
जिन सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो रहा है, उनमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा, पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर और अरुण सिंह (सभी BJP से); और SP के रामगोपाल यादव शामिल हैं। पुरी का मंत्रियों की परिषद में एकमात्र सिख होना और वर्मा का लोध (UP के कुछ हिस्सों में एक प्रभावशाली OBC जाति) होना उनके पक्ष में जा सकता है, क्योंकि अगले साल की शुरुआत में पंजाब और UP दोनों में चुनाव होने हैं।
