रिलायंस ने एक बयान में कहा कि देसी-विदेशी सभी कंपनियों को एक जैसी रेगुलेटरी प्रोसेस का पालन करना होगा। कंपनी ने यह भी बताया कि जियो की सैटेलाइट सेवाओं को भी अभी मंजूरियों का इंतजार है। रिलायंस ने कहा कि यह क्षेत्र निवेश और इनोवेशन के लिए खुला रहना चाहिए, बशर्ते कंपनियां देश के कानूनों और नीतियों का पालन करें।
जियो का उदाहरण
कंपनी ने कहा, "हर कंपनी को भारत के लोगों की सेवा करनी चाहिए और देश के कानूनों तथा नीतियों का पालन करना चाहिए।" रिलायंस ने साथ ही इस दलील को खारिज कर दिया कि उसे प्रतिस्पर्धा से डर लगता है। कंपनी ने 2016 में टेलीकॉम बाजार में जियो के प्रवेश का उदाहरण दिया, जब वह एक नई कंपनी के रूप में आई थी और उसके पास कोई ग्राहक नहीं था।रिलायंस ने बताया कि तब से जियो ने 530 मिलियन से अधिक ग्राहकों का भरोसा जीता है और पूरे भारत में किफायती डेटा और डिजिटल बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने में मदद की है। रिलायंस ने कहा, "हमें कभी प्रतिस्पर्धा से डर नहीं लगा। हम इसे इस बात की सबसे सटीक परीक्षा मानते हैं कि कौन ग्राहकों की सबसे अच्छी सेवा करता है।"



