भोपाल। मध्यप्रदेश भाजपा संगठन में एक महत्वपूर्ण नियुक्ति की गई है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. निशांत खरे को प्रदेश कार्यालय प्रभारी की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है। इस संबंध में पार्टी की ओर से आदेश जारी कर दिया गया है। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद संगठन में डॉ. खरे की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। अब वे प्रदेश उपाध्यक्ष के दायित्व के साथ ही प्रदेश भाजपा कार्यालय की व्यवस्थाओं और नियमित संगठनात्मक गतिविधियों का संचालन भी देखेंगे।
प्रदेश कार्यकारिणी के गठन के करीब एक साल बाद डॉ. निशांत खरे को यह नई जिम्मेदारी दी गई है। राजनीतिक और संगठनात्मक दृष्टि से इस नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश कार्यालय भाजपा संगठन का प्रमुख केंद्र है, जहां से पार्टी की गतिविधियों, बैठकों, कार्यक्रमों, पदाधिकारियों के बीच समन्वय और विभिन्न संगठनात्मक कार्यों का संचालन होता है। ऐसे में कार्यालय प्रभारी की जिम्मेदारी किसी भी संगठनात्मक पदाधिकारी के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने डॉ. खरे पर भरोसा जताते हुए उन्हें यह दायित्व सौंपा है। पार्टी के भीतर इसे उनके संगठनात्मक अनुभव और विभिन्न जिम्मेदारियों में निभाई गई भूमिका से जोड़कर देखा जा रहा है। डॉ. खरे पहले से ही प्रदेश उपाध्यक्ष के साथ ग्वालियर संभाग के प्रभारी की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। नई नियुक्ति के बाद उनके कार्यक्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी जुड़ गई है।
डॉक्टर से संगठन के जिम्मेदार पदाधिकारी तक का सफर
डॉ. निशांत खरे मूल रूप से इंदौर के रहने वाले हैं और पेशे से प्लास्टिक सर्जन हैं। चिकित्सा क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने सामाजिक और सार्वजनिक गतिविधियों में भी अपनी सक्रिय भूमिका बनाई। उन्होंने एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद जनरल सर्जरी में एमएस तथा प्लास्टिक सर्जरी में एमसीएच की डिग्री हासिल की है।
चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े होने के बावजूद डॉ. खरे की दिलचस्पी सामाजिक कार्यों और संगठनात्मक गतिविधियों में लगातार बनी रही। इसी सक्रियता के चलते उन्हें अलग-अलग स्तरों पर जिम्मेदारियां मिलती रहीं। उन्होंने सामाजिक क्षेत्र से लेकर युवा गतिविधियों और राजनीतिक संगठन तक विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
डॉ. खरे का संगठनात्मक सफर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी जुड़ा रहा है। वे संघ के विभिन्न दायित्वों पर काम कर चुके हैं। संघ से प्राप्त संगठनात्मक अनुभव ने उन्हें सामाजिक और सार्वजनिक गतिविधियों में सक्रिय रहने का अवसर दिया। इसके बाद उन्होंने भाजपा संगठन में भी अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाईं।
युवा आयोग के अध्यक्ष से भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष तक मिलीं कई जिम्मेदारियां
डॉ. निशांत खरे मध्यप्रदेश युवा आयोग के अध्यक्ष के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। इस दौरान उनका जुड़ाव युवाओं से संबंधित गतिविधियों और सार्वजनिक कार्यक्रमों से रहा। इसके अतिरिक्त उन्हें भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी भी दी गई थी।
भाजपा संगठन में उनकी भूमिका समय के साथ लगातार बढ़ती रही। वर्तमान में वे पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष होने के साथ ग्वालियर संभाग के प्रभारी भी हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने के अनुभव के आधार पर उन्हें प्रदेश कार्यालय प्रभारी जैसा महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है।
पार्टी संगठन में प्रदेश कार्यालय प्रभारी की भूमिका केवल कार्यालय संचालन तक सीमित नहीं रहती। इस पद पर रहते हुए संबंधित पदाधिकारी को संगठन के नियमित कामकाज, प्रदेश पदाधिकारियों के साथ समन्वय, बैठकों की व्यवस्था, कार्यालय से जुड़े प्रशासनिक कार्यों और पार्टी की गतिविधियों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होती है।
प्रदेश कार्यालय से ही कई महत्वपूर्ण संगठनात्मक निर्णयों और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन से जुड़ी गतिविधियां संचालित होती हैं। ऐसे में कार्यालय प्रभारी और प्रदेश पदाधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखना भी इस जिम्मेदारी का अहम हिस्सा होता है।
हेमंत खंडेलवाल की टीम में नौ नेताओं को बनाया गया था प्रदेश उपाध्यक्ष
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने अपनी प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा के दौरान संगठन में कई पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी थीं। इस कार्यकारिणी में कुल नौ नेताओं को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया था। इनमें रणवीर सिंह रावत, कांतदेव सिंह, प्रभुराम चौधरी, शैलेंद्र बरुआ, मनीषा सिंह, डॉ. नंदिता पाठक, सुरेंद्र शर्मा, डॉ. निशांत खरे और डॉ. प्रभुलाल जाटव के नाम शामिल थे।
वहीं प्रदेश महामंत्री के पद पर लता वानखेड़े, सुमेर सिंह सोलंकी, राहुल कोठारी और गौरव रणदिवे को जिम्मेदारी दी गई थी। इसके अलावा श्याम महाजन को प्रदेश कार्यालय मंत्री तथा अखिलेश जैन को प्रदेश कोषाध्यक्ष बनाया गया था।
कार्यकारिणी गठन के बाद अब डॉ. निशांत खरे को प्रदेश कार्यालय प्रभारी का अतिरिक्त दायित्व सौंपा जाना संगठन के भीतर जिम्मेदारियों के नए विस्तार के रूप में देखा जा रहा है। इससे प्रदेश संगठन में उनकी भूमिका पहले की तुलना में अधिक व्यापक हो जाएगी।
वीडी शर्मा के कार्यकाल में भगवानदास सबनानी के पास थी कार्यालय प्रभारी की जिम्मेदारी
मध्यप्रदेश भाजपा में प्रदेश कार्यालय प्रभारी की जिम्मेदारी पहले भी संगठन के वरिष्ठ नेताओं के पास रही है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के कार्यकाल में भगवानदास सबनानी प्रदेश महामंत्री के रूप में प्रदेश कार्यालय प्रभारी का दायित्व संभाल रहे थे।
उस समय प्रदेश भाजपा कार्यालय से संबंधित संगठनात्मक व्यवस्थाओं और गतिविधियों के संचालन में सबनानी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अब प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने इस जिम्मेदारी के लिए डॉ. निशांत खरे को चुना है।
इस नियुक्ति के साथ ही प्रदेश भाजपा संगठन में एक नई व्यवस्था सामने आई है। डॉ. खरे को प्रदेश उपाध्यक्ष, ग्वालियर संभाग प्रभारी और अब प्रदेश कार्यालय प्रभारी के रूप में एक साथ महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभानी होंगी।
संगठनात्मक अनुभव और समन्वय की होगी अहम भूमिका
भाजपा के प्रदेश कार्यालय की जिम्मेदारी ऐसे समय में डॉ. निशांत खरे को दी गई है, जब पार्टी संगठन में विभिन्न स्तरों पर गतिविधियां संचालित होती रहती हैं। प्रदेश से लेकर संभाग और जिला स्तर तक पदाधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखना संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल रहता है।
ऐसे में कार्यालय प्रभारी के तौर पर डॉ. खरे के सामने कार्यालय की व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के साथ संगठनात्मक समन्वय की चुनौती भी होगी। संघ, सामाजिक क्षेत्र, युवा आयोग और भाजपा संगठन में काम करने का उनका अनुभव इस भूमिका में उपयोगी साबित हो सकता है।
कुल मिलाकर प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का यह निर्णय डॉ. निशांत खरे की संगठन में बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वे प्रदेश उपाध्यक्ष और ग्वालियर संभाग प्रभारी की मौजूदा जिम्मेदारियों के साथ प्रदेश कार्यालय के कामकाज को किस तरह आगे बढ़ाते हैं।

