असम के शिवसागर जिले में बुधवार को पुलिस फायरिंग में गुवाहाटी होटल गोलीकांड के आरोपी घनकांत गोगोई की मौत हो गई। उस पर 26 अक्टूबर को होटल में 5 लोगों की गोली मारकर हत्या का आरोप था।
पुलिस के मुताबिक, गोगोई को गुवाहाटी से शिवसागर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान उसने सब इंस्पेक्टर की पिस्टल छीनने की कोशिश की। जवाबी फायरिंग में वह घायल हो गया।
अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में उसकी मौत हो गई। घटना में सब इंस्पेक्टर देबाशीष शर्मा के दाहिने पैर में चोट आई है।
शौच के लिए गाड़ी से उतरा, SI की पिस्टल छीनने लगा
SSP पापोरी चेतिया के मुताबिक, आरोपी को शिवसागर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक पुराने केस के सिलसिले में गुवाहाटी से शिवसागर लाया जा रहा था। रास्ते में फूलपनिचिगा इलाके में उसने शौच जाने की बात कही।
गाड़ी से उतरते ही उसने सब इंस्पेक्टर देबाशीष शर्मा की सर्विस पिस्टल छीनने की कोशिश की। शर्मा इस मामले के जांच अधिकारी भी हैं। SSP ने बताया कि आरोपी प्रशिक्षित शूटर था। इस दौरान हुई हाथापाई में दो से तीन राउंड फायर हुए, जिनमें से दो गोलियां पुलिस वाहन में लगीं।
पुलिस के मुताबिक, अधिकारी पर आगे हमला रोकने और उन्हें बचाने के लिए साथ मौजूद एक पुलिसकर्मी ने अपनी पिस्टल से जवाबी फायरिंग की। इसमें गोगोई घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई।
26 अक्टूबर की रात होटल में चली थीं गोलियां
26 अक्टूबर की रात करीब 9 बजे पलटन बाजार पुलिस स्टेशन को एक होटल में कई गोलियां चलने की सूचना मिली थी। पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं तो चार लोग मृत मिले, जबकि दो लोग घायल थे।
घायलों को गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (GMCH) ले जाया गया। इनमें से एक की इलाज के दौरान मौत हो गई। एक घायल व्यक्ति का अस्पताल में इलाज जारी है।
मृतकों की पहचान बरपेटा निवासी भूदेव भराली (65), नारायण दास (48) और गुवाहाटी के नवीन नगर निवासी हेलेना भराली (58), देबर्षि कश्यप (39) और रिनिका कश्यप (30) के रूप में हुई थी।
होटल के लीज एग्रीमेंट को लेकर मृतकों का आरोपी से विवाद था
पुलिस के बयान के मुताबिक, भराली परिवार ने 10 सितंबर 2025 को घनकांत गोगोई के साथ होटल का 5 साल का लीज एग्रीमेंट किया था। इसका मासिक किराया करीब ₹1.8 लाख तय हुआ था। गोगोई ने होटल में मरम्मत कराई थी।
इसके बाद होटल के इस्तेमाल और कुछ सुविधाएं देने को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद हो गए थे। विवाद सुलझाने के लिए 26 अक्टूबर को होटल में बैठक तय की गई थी। पुलिस के मुताबिक, बैठक से पहले ही दोनों पक्षों के बीच बहस हुई, जो मारपीट में बदल गई।
इसके बाद गोगोई ने वहां मौजूद 6 लोगों पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने उसे घटना के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया था। उसके पास से लाइसेंसी .32 बोर की पिस्टल मिली थी, जिसका इस्तेमाल वारदात में किए जाने का आरोप है।
कोर्ट ने पुलिस रिमांड की मांग खारिज कर जेल भेजा था
27 अक्टूबर को गुवाहाटी की एक अदालत ने गोगोई को 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था। 3 नवंबर को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पुलिस की 7 दिन की अतिरिक्त रिमांड की मांग खारिज कर दी और उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
अदालत के आदेश के कुछ घंटे बाद शिवसागर पुलिस ने उसे 2024 के एक बैंक फ्रॉड केस में भी गिरफ्तार किया था। यह मामला शिवसागर पुलिस स्टेशन में दर्ज था। पंजाब नेशनल बैंक के तत्कालीन मैनेजर देबब्रत बुरागोहेन ने शिकायत की थी कि गोगोई ने कार लोन लिया था, लेकिन EMI नहीं चुकाई।
आरोप है कि उसने लोन की रकम लौटाने के लिए कहने पर मैनेजर को धमकी भी दी थी। इस केस का नंबर 108/24 है। पुलिस उसे इसी मामले में शिवसागर ले जा रही थी।

