बीबीसी के मुताबिक, मलबा खोजने वाले पुरातत्वविदों का कहना है कि यह करीब 10 मीटर लंबा और भूमध्य सागर में सामान ले जाने वाला व्यापारिक जहाज था। यह मलबा तुर्की के अंताल्या में केकोवा द्वीप के तट के पास मिला है। जहाज से जुड़ी चीजें पानी के नीचे एक ढलान पर बिखरी हुई मिलीं, जो लहरों से सिर्फ 30 मीटर नीचे हैं।
'यह एक टाइम कैप्सूल'
भूमध्यसागरीय पुरातत्व संघ अभियान का नेतृत्व करने वाले तुर्की की अकदेनिज यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर हाकान ओनज ने कहा कि यह डूबा जहाज समुद्र की तलहटी में एक 'टाइम कैप्सूल' की तरह है। एक्सपर्ट को वहां पत्थर के तीन बड़े लंगर और मिट्टी के 30 से ज्यादा बर्तन मिले, जिन्हें एम्फोरा कहा जाता है।जहाज की लकड़ी का कोई हिस्सा ना बचने के कारण रेडियोकार्बन डेटिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करके इसकी उम्र का पता नहीं लगाया जा सका। रेडियोकार्बन डेटिंग से जैविक पदार्थों में कार्बन के एक रूप को मापा जाता है। इसके बजाय पुरातत्वविदों ने एम्फोरा के आकार का विश्लेषण किया है।
समुद्र में मिले बर्तन क्यों खास
केकोवा में मिले मिट्टी के बर्तन खास तरह के हैं। इनमें दो हैंडल, बीच में उभार और सपाट आधार है। ओनज ने कहा कि यह डिजाइन मिस्र और अरब में मिले उन एम्फोरा से मिलता है, जिनकी उम्र 4,400-4,700 साल है। सजावट के तरीकों की तुलना पर कह सकते हैं कि मलबा 100 फीसदी शुरुआती कांस्य युग का है।अभियान में शामिल गोताखोर इन बर्तनों को सतह पर लाए। हजारों साल तक पानी के नीचे रहने के बाद अब इन्हें संरक्षित किया जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया की मैक्वेरी यूनिवर्सिटी की पुरातत्वविद कैरिन सोवाडा ने बताया कि बर्तन सही-सलामत थे। सबसे खास ये कि उनमें अभी भी गाढ़ा, चमकदार अवशेष बचा हुआ था।
मैंने अंदर देखा और लगभग बेहोश ही हो गई। मुझे यकीन नहीं हो रहा था कि कितना ज्यादा अवशेष दिख रहा था। यह सिर्फ दाग-धब्बों जैसा नहीं था। काफी सारा मटीरियल अभी भी बचा हुआ था।
बर्तनों में क्या लाया जा रहा था
रिसर्च टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उन एम्फोरा (मिट्टी के बड़े जार) में असल में क्या ले जाया जा रहा था। सोवाडा का कहना है कि यह जैतून का तेल हो सकता है, वाइन हो सकती है या पेड़ों की राल हो सकती है। हो सकता है कि लोग पहुंचने पर इन जार को खाली कर देते होंगे और कई सालों तक इनका इस्तेमाल करते होंगे।यह डूबा हुआ जहाज और उसका सामान प्राचीन दुनिया में व्यापार के बारे में जानकारी दे रहा है। पुरातत्वविदों का कहना है कि जहाज ने भूमध्य सागर के पूर्वी तट पर कहीं से अपनी यात्रा शुरू की थी। यह सामान या तो प्राचीन शहर ट्रॉय (अब उत्तर-पश्चिमी तुर्की में) ले जाया जा रहा था या फिर क्रीट में मिनोअन लोगों के पास जा रहा था।



