'मोहम्मद यूनुस तुम आतंकी हो', अमेरिकी एयरपोर्ट पर बेइज्जत हुए बांग्‍लादेशी नेता, लोगों ने जमकर लताड़ा, वीडियो

'मोहम्मद यूनुस तुम आतंकी हो', अमेरिकी एयरपोर्ट पर बेइज्जत हुए बांग्‍लादेशी नेता, लोगों ने जमकर लताड़ा, वीडियो
वॉशिंगटन: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के पूर्व मुख्य सलाहकार डॉक्टर मोहम्मद यूनुस को अमेरिका में भारी विरोध का सामना करना पड़ा है। यूनुस न्यूयॉर्क के जॉन एफ. कैनेडी (JFK) इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरे थे, जहां उनको बांग्लादेशी प्रवासियों के एक समूह ने घेर लिया। बांग्लादेशियों ने उन पर कई मुद्दों को लेकर गुस्सा जाहिर किया। इस दौरान यूनुस चुपचाप सबकुछ सुनने को मजबूर दिखे। यह घटना सोमवार, 12 अक्टूबर को JFK इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुई।

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कई लोग व्हीलचेयर पर बैठे यूनुस को भला-बुरा कहते, नारे लगाते और अपना गुस्सा निकालते हुए दिख रहे हैं। यूनुस को ये लोग पर 'आप आतंकवादी हैं' और 'आप यहां क्यों आए हैं' जैसी बातें कहते सुने जा रहे हैं। यूनुस इस पर कुछ प्रतिक्रिया देने के बजाय लहां से निकलने की कोशिश में दिख रहे हैं।

यूनुस पर लगाए आरोप

यूनुस को एयरपोर्ट पर घेरने वाले दर्जनों प्रदर्शनकारियों ने उन पर बांग्लादेश के लोकतंत्र को बर्बाद करने का आरोप लगाया और उनके प्रशासन की आलोचना करते हुए नारे लगाए। वीडियो में एक व्यक्ति को चिल्लाते हुए सुना जा सकता है, 'आपने मेरे देश में हजारों पुलिस अधिकारियों की जान ली है। आप यहां क्यों आए हैं।'

वीडियो में यूनुस को कड़ी सुरक्षा और सहयोगियों से घिरे हुए शांति से आगे बढ़ते हुए देखा जा सकता है। यूनुस और उनके साथ मौजूद लामिया मोर्शेद इस हंगामे के बीच तेजी से एयरपोर्ट टर्मिनल के अंदर चले गए। वीडियो में दिख रहे लोगों की पहचान और घटना की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यूनुस के कार्यालय की ओर से भी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

पत्नी को छोड़कर भागने का दावा

मोहम्मद यूनुस के इस वीडियो के साथ कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया है कि वह अपनी बीमार पत्नी को ढाका छोड़कर अमेरिका गए हैं। वह JFK एयरपोर्ट पर एक महिला के साथ देखे गए, जिससे कई वर्ष से उनका कथित रिश्ता रहा है। ऐसे में उन्हें एयरपोर्ट पर भारी अपमान और जनता के गुस्से का सामना करना पड़ा है।

नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को अगस्त 2024 में बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार बनाया गया था। छात्र आंदोलन की वजह से शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद वह इस पद पर बैठे और 17 फरवरी 2026 तक रहे। यूनुस की अंतरिम सरकार की देश में दक्षिणपंथियों को बढ़ावा देने के लिए आलोचना होती रही है। खासतौर से शेख हसीना समर्थक उनको 'लोकतंत्र का हत्याराट कहते रहे हैं।
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