रणनीतिक रूप से अहम और खनिजों से भरपूर इस द्वीप पर कब्जा करने की ट्रंप की बार-बार की धमकियों के बाद तनाव कम करने के मकसद से सितंबर में अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद अब ट्रंप ने ये घोषणा की है। हालांकि इसमें ग्रीनलैंड में खोज की योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
ग्रीनलैंड में तेल, गैस और खनिजों की बड़े पैमाने पर खोज शुरू होने वाली है।
ट्रंप ने क्या कहा है
डोनाल्ड ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर अपनी पोस्ट में लिखा, 'ग्रीनलैंड में तेल, गैस और खनिजों की बड़े पैमाने पर खोज शुरू होने वाली है। जानकारों का कहना है कि यहाँ आसानी से मिलने वाले तेल की मात्रा दुनिया में किसी भी दूसरी जगह से कहीं ज्यादा है। इससे भी जरूरी बात यह है कि सुरक्षा के नजरिए से यह जगह बेजोड़ है- चाहे वह अमेरिका की सुरक्षा हो या यूरोप की।'ट्रंप ने आगे लिखा, 'अमेरिका पर भविष्य में होने वाले किसी भी हमले को ग्रीनलैंड से होकर गुजरना होगा, जहां हमारी सुरक्षा व्यवस्था आसानी से ड्रोन, मिसाइल या किसी भी ऐसे हथियार को मार गिराएगी, जिसके बारे में अभी सोचा भी नहीं गया है। यह हमें समय, सही जगह और नजर रखने की ऐसी सुविधा देता है, जो दुनिया में कहीं और नहीं है।
ग्रीनलैंड का खजाना
ग्रीनलैंड में क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन (जैसे इलेक्ट्रिक वाहन और तकनीकी उपकरण) के लिए आवश्यक करीब 25 महत्वपूर्ण खनिजों (जैसे रेयर अर्थ एलिमेंट) का विशाल भंडार है। वर्तमान में अमेरिका इन खनिजों के लिए चीन पर अत्यधिक निर्भर है।अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, ग्रीनलैंड में करीब 31 अरब बैरल तेल के बराबर ऊर्जा का विशाल भंडार होने का अनुमान है। अभी तक पर्यावरण चिंताओं के कारण इस पर रोक थी लेकिन इस डील के बाद बड़े पैमाने पर इसे निकाला जा सकता है।



