'राष्ट्रपति ने दावों पर संदेह जता दिया'
कंवल सिब्बल देश की राजनीति और विदेशी कूटनीति पर अपनी बेबाकी के लिए जाने जाते हैं। इस समय सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के आरोपों को लेकर राजनीति बहुत ही गरम है। इसी पर उन्होंने मामला राष्ट्रपति भवन तक पहुंचने को लेकर कहा, 'राष्ट्रपति ने ज्ञापन स्वीकार करके सही किया है, लेकिन वोट चोरी से जुड़े आरोपों की चर्चा में पड़ने से इनकार कर दिया है।'हालांकि, राष्ट्रपति ने यह पूछकर कि क्या उनके पास कोई सबूत है, विपक्ष के दावों पर संदेह जता दिया।
'पूरा देश जानता है, कोई जवाब नहीं हुआ'
उन्होंने राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए एक्स पर अपने कमेंट में लिखा, 'इसे अविश्वसनीय क्यों मानना चाहिए। देश की राष्ट्रपति के रूप में उनका ऐसा करना सामान्य है।'इसका यह उत्तर कि पूरा देश वोट चोरी के बारे में जानता है, कोई मतलब नहीं है।
विपक्ष ने की दो साल के चुनाव रद्द करने की मांग
- इससे पहले शुक्रवार को विपक्ष के सदस्यों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलकर दावा किया कि उनके पास वोट चोरी के ठोस सबूत हैं और इस वजह से पिछले दो साल में हुए चुनावों को रद्द किया जाए।
- विपक्ष ने ईवीएम की जगह वापस बैलट पेपर से चुनाव करवाने की प्रक्रिया बहाल करने की भी मांग की।
- राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और ममता बनर्जी की अगुवाई में राष्ट्रपति भवन पहुंचे 10-सदस्यीय विपक्षी प्रतिमंडल ने राष्ट्रपति से मिलने के बाद दावा किया कि उन्होंने इंडिया ब्लॉक के 'वोट चोरी' के आरोपों को स्वीकार किया है और जांच का भरोसा दिया है।
- विपक्षी नेताओं ने माना कि राष्ट्रपति मुर्मू ने उनसे अपने आरोपों के समर्थन में सबूत जमा करने को भी कहा है।
- राहुल गांधी ने कहा कि राष्ट्रपति के साथ उनकी मुलाकात 'अविश्वसनीय' रही। उनके मुताबिक, 'वास्तव में मुझे लग रहा था कि राष्ट्रपति इनकार करेंगी कि वोट चोरी हो रही है और कहेंगी कि भारत में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रणाली है। लेकिन, मैं हैरान और दंग रह गया कि हमने जो कहा उन्होंने वह स्वीकार कर लिया। मैं उन्हें दिल से धन्यवाद देता हूं।'
