टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक मोदी ने देश की प्रमुख कंपनियों स्काईरूट एयरोस्पेस, अग्निकुल कॉसमॉस, पिक्सेल, ध्रुव स्पेस, गैलेक्सआई, पियरसाइट, बेलाट्रिक्स एयरोस्पेस और दिगंतरा समेत 20 स्पेस स्टार्टअप्स के CEO और फाउंडर्स से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए स्पेस टेक्नोलॉजी के ज्यादा इस्तेमाल का आह्वान किया।
सहयोग की जरूरत
मोदी ने कहा कि स्पेस इंडस्ट्री और दूसरे सामाजिक विकास क्षेत्रों के बीच बेहतर सहयोग की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही युवाओं में स्पेस के प्रति जिज्ञासा और रुचि बढ़ाने के लिए अटल टिंकरिंग लैब्स के साथ मिलकर काम करने को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।प्रधानमंत्री ने X पर एक पोस्ट में कहा, 'भारत के स्पेस सेक्टर की युवा ऊर्जा से मिलकर बहुत अच्छा लगा... युवा एंटरप्रेन्योर और इनोवेटर्स जिन्होंने एक नए और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में कदम रखकर जबरदस्त हिम्मत दिखाई है। उन्होंने जोखिम उठाए, सुधार प्रक्रिया पर भरोसा किया और लगातार कोशिश की। इसी कारण भारत ने पिछले कुछ वर्षों में स्पेस सेक्टर में बहुत कुछ हासिल किया है।'
कमर्शियल फेज की तैयारी
इस बीच स्पेस रेगुलेटर और प्रमोटर INSPACe के चेयरमैन विवेक गोयनका ने शुक्रवार को एक बिजनेस कॉन्क्लेव में कहा कि भारत कमर्शियल विस्तार के दौर में प्रवेश करने के लिए तैयार है। उम्मीद है कि 2033 तक स्पेस सेक्टर में ग्रोथ $8 बिलियन से बढ़कर $44 बिलियन हो जाएगी। इस $44 बिलियन में से $11 बिलियन विदेशी ग्राहकों से आने की उम्मीद है।उन्होंने कहा कि 450 स्पेस स्टार्टअप्स में से 20 स्टार्टअप्स कमर्शियल चरण को बढ़ाने के लिए तैयार हो चुके हैं। स्काईरूट की ऑर्डर बुक अगले 2-3 साल के लिए भरी हुई है। इसी तरह अग्निकुल भारत की पहली कंपनी है जो रियूज रॉकेट पर काम कर रही है। पिक्सेल IN-SPACe पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट्स का एक ग्रुप बना रही है।
