सुप्रीम कोर्ट ने राउत से मांग लिया स्पष्टीकरण
लाइव लॉ की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह बात तब सामने आई जब सुप्रीम कोर्ट, भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के खिलाफ 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के नेताओं द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था। अपने आदेश में जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने कहा कि राउत के कहने पर इस याचिका को फिलहाल स्वीकार किया जा रहा है, लेकिन इसके लिए उन्हें अपने आचरण पर स्पष्टीकरण देना होगा। राउत इस मामले में याचिकाकर्ता भी हैं।संजय राउत को कार्यवाही में केवल अस्थायी तौर पर शामिल होने की अनुमति दे रहे हैं, जब तक कि वे अपने आचरण के बारे में स्पष्टीकरण नहीं दे देते।
हम हाथीदांत के बुर्ज में नहीं रह रहे हैं: CJI
CJI सूर्यकांत ने गुरुवार की सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि याचिकाकर्ताओं में से एक को अपने आचरण के बारे में स्पष्टीकरण देना होगा। CJI ने यह भी कहा कि जज अदालत के बाहर दिए जा रहे बयानों से वाकिफ हैं और वे किसी 'हाथीदांत के बुर्ज' (यानी आम दुनिया से कटे हुए) में नहीं रह रहे हैं।जज अदालत के बाहर दिए जा रहे बयानों से वाकिफ हैं और वे किसी 'हाथीदांत के बुर्ज' (यानी आम दुनिया से कटे हुए) में नहीं रह रहे हैं।
राउत का दावा-80 जजों ने लंदन में नेताओं संग खेला था बैडमिंटन
राउत ने ECI (चुनाव आयोग) के कामकाज से जुड़े मुद्दों पर गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं से मिलने से CJI (भारत के मुख्य न्यायाधीश) के इनकार की आलोचना की थी। उन्होंने दावा किया था कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के 80 जजों को लंदन में राजनीतिक नेताओं के साथ बैडमिंटन खेलते देखा गया था।राउत ने कहा था, 'आप उनसे मिल सकते हैं, उनके साथ खेल सकते हैं, उनके या मुख्यमंत्रियों के साथ लंच या डिनर कर सकते हैं। आप किसी राजनीतिक पार्टी में शामिल होने के लिए अचानक इस्तीफा भी दे सकते हैं। तब आपको सिद्धांतों और कानून की कोई परवाह नहीं होती, लेकिन जब हम लोकतंत्र को बचाने के लिए आपसे मिलना चाहते हैं... तो आप कहते हैं कि आप राजनीतिक नेताओं से नहीं मिलेंगे।'
अटॉनी जनरल बोले-राउत का ये बयान झूठा
आपराधिक अवमानना (क्रिमिनल कंटेंप्ट) की कार्यवाही के लिए सहमति देते हुए अटॉर्नी जनरल ने कहा कि जजों के मंत्रियों के साथ बैडमिंटन खेलने वाला राउत का बयान झूठा है, और इसके समर्थन में दिल्ली हाई कोर्ट के एक आदेश का हवाला दिया। अटॉर्नी जनरल ने यह भी कहा कि राउत की टिप्पणियों से न्यायपालिका की गरिमा कम हुई है और ये अपमानजनक प्रकृति की हैं।जजों के मंत्रियों के साथ बैडमिंटन खेलने वाला राउत का बयान झूठा है। राउत की टिप्पणियों से न्यायपालिका की गरिमा कम हुई है और ये अपमानजनक प्रकृति की हैं।
अटॉर्नी जनरल की अपील पर शुरू हुई कार्यवाही
अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने CJI और न्यायपालिका के बारे में की गई टिप्पणियों को लेकर राउत और पत्रकार निखिल वागले के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की सहमति दे दी है।CJI के खिलाफ राउत की टिप्पणी
राउत ने CJI की इसलिए आलोचना की थी क्योंकि उन्होंने विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ बैठक करने से इनकार कर दिया था। राहुल गांधी कथित चुनावी गड़बड़ियों और मतदाता सूची के 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) से जुड़ी चिंताओं को लेकर मुख्य न्यायाधीश से मिलना चाहते थे।INDIA गठबंधन के नेताओं की याचिका
- यह याचिका कांग्रेस नेता राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के 11 अन्य नेताओं द्वारा दायर की गई थी, जिसमें मतदाता सूची (इलेक्टोरल रोल) के संबंध में चुनाव आयोग की कार्रवाई को चुनौती दी गई है।
- कांग्रेस नेता गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के अलावा, सौगत रॉय (तृणमूल कांग्रेस-ममता बनर्जी), अखिलेश यादव (समाजवादी पार्टी), तेजस्वी प्रसाद यादव (RJD), संजय राउत (शिवसेना UBT), एम.ए. बेबी (CPI(M)), डी. राजा (CPI), महुआ माजी (JMM), सुप्रिया सुले (NCP-शरद पवार) और ई.टी. मुहम्मद बशीर (IUML) भी याचिकाकर्ताओं में शामिल हैं।
- बाद में, विपक्ष के दो और नेता VCK अध्यक्ष थोल. थिरुमावलवन और NC सांसद सज्जाद अहमद किचलू भी विपक्ष के नेता (LoP) की इस याचिका में शामिल हो गए। याचिका में चुनाव आयोग से उन फाइलों, कार्यवृत्तों (minutes), टिप्पणियों और आपत्तियों को सार्वजनिक करने की मांग की गई है, जिन्हें चुनाव आयुक्तों ने विवादित SIR (संशोधन प्रक्रिया) निर्णयों के संबंध में दर्ज किया था।



