कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) शुक्रवार शाम 5 बजे दिल्ली में कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली करने जा रही है। पार्टी की मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की है। साथ ही, वह आशुतोष रांका और सौरव दास को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने का विरोध करेगी।
हालांकि, कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में BNSS की धारा 163 लागू है। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर को आम लोगों के लिए बंद रखने का फैसला किया है। NDMC ने इसकी साफ वजह नहीं बताई है।
CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने गिरफ्तारी की आशंका जताई है। उन्होंने गुरुवार रात 12 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि दिल्ली पुलिस उन्हें गुरुवार रात या शुक्रवार सुबह तक गिरफ्तार कर सकती है।
अभिजीत ने X पर कुछ तस्वीरें पोस्ट कर आरोप लगाया कि सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी उनका पीछा कर रहे हैं। उन्होंने कहा- मैं नरेंद्र मोदी से कहना चाहता हूं कि हम इससे डरने वाले नहीं हैं। मैं यहां बैठा हूं, आओ उठा लो। अगर इस देश में तिरंगा लहराने के लिए जेल जाना पड़ेगा, तो हम उसके लिए तैयार हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने उस आवेदन पर सुनवाई करने पर सहमति जताई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि 12 अक्टूबर को कोर्ट परिसर में मार्च के दौरान राहुल गांधी ने तीन महीने की गर्भवती पत्रकार को धक्का दिया था।
राहुल गांधी SIR के खिलाफ याचिका दाखिल करने के लिए अन्य लोगों के साथ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। वरिष्ठ वकील गौरव भाटिया ने शुक्रवार को इस मामले को अदालत के सामने रखा।
CJI सूर्यकांत ने कहा कि संबंधित मामलों में नोटिस जारी किए जा चुके हैं। जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने बताया कि मामला 26 या 27 अक्टूबर को सुनवाई के लिए आ सकता है। CJI ने याचिका और आवेदन दोनों को सूचीबद्ध करने की बात कही।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से आदेश का पालन करने की अपील की है। राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान गाने के लिए चुनिंदा लोगों को किसी उपयुक्त स्थान पर अनुमति देने पर विचार करने की बात कही है।
कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क और राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर नए CCTV कैमरे लगाए गए हैं। नई दिल्ली और आसपास के इलाकों में 25,000 से ज्यादा पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है। इसके अलावा, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा (prohibitory orders) लागू कर दी गई है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें बताया गया है कि 16 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे से सेंट्रल पार्क में होने वाले एक प्रस्तावित कार्यक्रम के कारण कनॉट प्लेस के आसपास ट्रैफिक में रुकावट आ सकती है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें, एक्स्ट्रा समय लेकर चलें, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें और ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें। हालात को देखते हुए ट्रैफिक को दूसरे रास्तों पर डायवर्ट किया जा सकता है।
दीपके ने मीडिया से बात करते हुए कहा- दिल्ली पुलिस यहां आने वाले गुंडों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती। दिल्ली पुलिस किसके खिलाफ कार्रवाई करती है? दिल्ली पुलिस ने सौरव और आशुतोष को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने क्या किया। उनका अपराध क्या था- उन्होंने तिरंगा लहराया।"
इसके अलावा अभिजीत ने यह भी कहा, "दिल्ली पुलिस यह कैसे तय करेगी कि कौन तिरंगा लहरा सकता है और कौन नहीं? हर नागरिक को ऐसा करना चाहिए। क्या अब लोगों को तिरंगा लहराने के लिए भी दिल्ली पुलिस से परमिशन लेनी पड़ेगी?"
मुंबई पुलिस ने CJP को मुंबई के आजाद मैदान में भी आज तिरंगा प्रदर्शन करने की अनुमति दी है। पार्टी का यह प्रदर्शन ‘लहरा दो तिरंगा’ अभियान का हिस्सा है।
CJP की ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली से पहले नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर को आम लोगों के लिए बंद रखने का फैसला किया है। NDMC ने इसके पीछे प्रशासनिक कारण बताए हैं।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि तिरंगा फहराने और राष्ट्रगान गाने के लिए चुनिंदा लोगों को किसी दूसरी जगह पर जुटने की अनुमति देने की व्यवस्था पर विचार किया जा सकता है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को CJP के 16 अक्टूबर को प्रस्तावित तिरंगा रैली पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने पुलिस से आश्वासन लिया कि प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
यह याचिका कनॉट प्लेस में कपड़े बेचने वाले एक स्ट्रीट वेंडर ने दायर की थी। याचिकाकर्ता ने कहा कि त्योहारों के सीजन में प्रदर्शन के कारण कारोबार प्रभावित हो सकता है। मामले में अगली सुनवाई 3 नवंबर को होगी।
नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने राजनीतिक दलों और प्रदर्शनकारियों से कनॉट प्लेस के बजाय दूसरी जगहों पर विरोध-प्रदर्शन करने की अपील की है। संगठन ने X पर पोस्ट कर कहा- हम विरोध करने और अपनी बात रखने के अधिकार का सम्मान करते हैं, लेकिन कनॉट प्लेस आपका मंच नहीं, हमारे काम करने की जगह है।
व्यापारी संगठन का कहना है कि पिछले तीन हफ्तों से हो रहे प्रदर्शनों के कारण बिक्री प्रभावित हुई है और दुकानदारों, वेटर, ड्राइवर, रेहड़ी-पटरी वालों समेत कई लोगों की आजीविका पर असर पड़ा है। संगठन के मुताबिक, सड़कें बंद होने और ट्रैफिक बाधित होने से लोगों को काम पर पहुंचने में परेशानी हो रही है, जबकि पर्यटक और परिवार भी सार्वजनिक जगहों पर आने से बच रहे हैं।



