पूर्व चुनाव आयुक्त अशोक लवासा कौन हैं? CEC विवाद पर दिया बड़ा बयान, इंडिया अलायंस खुश होगा!

पूर्व चुनाव आयुक्त अशोक लवासा कौन हैं? CEC विवाद पर दिया बड़ा बयान, इंडिया अलायंस खुश होगा!
नई दिल्ली: क्या आप पूर्व चुनाव आयुक्त अशोक लवासा को जानते हैं। चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर विपक्ष के सवालों के बीच लवासा एक बार फिर चर्चा में हैं। CEC विवाद के बीच उन्होंने बड़ा बयान दिया है, जो इंडिया अलायंस के लिए खुशी का कारण बन सकता है। तो सवाल उठता है कि आखिर अशोक लवासा के नाम की इतनी चर्चा क्यों हो रही है और वे आखिर हैं कौन?

पहले आपको बताते हैं कि उन्होंने चुनाव आयोग विवाद पर क्या बयान दिया है। पूर्व निर्वाचन आयुक्त अशोक लवासा ने मंगलवार को कहा कि निर्वाचन आयोग का विवादों में घिरना अभूतपूर्व (जो पहले कभी नहीं हुआ) है। उन्होंने आयोग को जनता का भरोसा फिर से जीतने की सलाह दी और क्रिकेट का उदाहरण दिया।

उठ सकते हैं सवाल

अगर लोगों को लगे कि अंपायर निष्पक्ष नहीं था, तो किसी टीम की जीत पर भी सवाल उठ सकते हैं।
अशोक लवासा, पूर्व चुनाव आयुक्त

आचार संहिता से जुड़ा था मामला

अशोक लवासा सबसे ज्यादा साल 2019 में चर्चा में आए थे। तब वह चुनाव आयुक्त थे। उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तब बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से जुड़ा आचार संहिता का मामला चुनाव आयोग के पास पहुंचा था। विपक्ष ने तब आचार संहित के उल्लंघन का आरोप लगाया। बाकी के दो चुनाव आयुक्तों ने इस मामले में पर पीएम मोदी और अमित शाह को क्लीनचिट दे दी।

बैठकों में जाना किया था बंद

आचार संहिता उल्लंघन के मामलों में अशोक लवासा की राय इससे अलग थी। क्लिनचिट का फैसला 2 /1 के बहुमत से पास हो गया। लेकिन उसके बाद से चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने आचार संहिता पर ज्यादातर बैठकों में जाना ही बंद कर दिया। अशोक लवासा भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 1980 बैच के हरियाणा कैडर के अधिकारी थे। उन्होंने वित्त सचिव और पर्यावरण और वन सचिव सहित कई महत्वपूर्ण नौकरशाही पदों पर काम किया।

पहले ही दे दिया था इस्तीफा

IAS पद से रिटायर होने के बाद अशोक लवासा ने 23 जनवरी, 2018 को चुनाव आयोग में चुनाव आयुक्त बनकर कार्यभार संभाला। परंपरा के मुताबिक तो उन्हें अप्रैल 2021 में मुख्य चुनाव आयुक्त का पदभार ग्रहण करना था, लेकिन उन्होंने कार्यकाल पूरा करने से पहले ही 31 अगस्त 2020 को इस पद से इस्तीफा दे दिया था।
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