स्पेन, फ्रांस, इटली, सिंगापुर, तंजानिया... ईरान युद्ध ने खोले नए दरवाजे, कहां-कहां जा रहा भारत से पेट्रोल-डीजल?

स्पेन, फ्रांस, इटली, सिंगापुर, तंजानिया... ईरान युद्ध ने खोले नए दरवाजे, कहां-कहां जा रहा भारत से पेट्रोल-डीजल?
नई दिल्ली: भारत अपनी जरूरत का करीब 88% कच्चा तेल आयात करता है लेकिन देश से होने वाले एक्सपोर्ट पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स टॉप पर हैं। पश्चिम एशिया संकट ने भारत के तेल उत्पादों के निर्यात के लिए कई नए बाजार खोल दिए हैं। अब इटली और स्पेन जैसे देश ग्रोथ चार्ट में सबसे ऊपर हैं, जबकि सिंगापुर और तंजानिया ने पारंपरिक डेस्टिनेशन पीछे छूट गए हैं। ईरान युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ था और इस दौरान कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई थी।
टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक पहली तिमाही के अलग-अलग आंकड़ों के अनुसार, तेल की वजह से सिंगापुर भारतीय एक्सपोर्ट के लिए तीसरा सबसे बड़ा डेस्टिनेशन बन गया है। साथ ही तंजानिया और दक्षिण अफ्रीका भी टॉप 10 में शामिल हो गए हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक भारत से लगभग 1 बिलियन डॉलर का आयात करने वाले देशों में तंजानिया, जॉर्डन और श्रीलंका जैसे देशों में सबसे ज्यादा ग्रोथ हुई है।

निर्यात में बढ़ोतरी

हांगकांग और वियतनाम को छोड़ दें तो बाकी देशों में निर्यात में बढ़ोतरी तेल उत्पादों के शिपमेंट की वजह से हुई। सप्लाई में रुकावट के बीच कई देश अपनी तेल जरूरतों को पूरा करने के लिए भारतीय रिफाइनरियों पर निर्भर रहे। पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद सरकार ने विंडफॉल टैक्स लगाया था ताकि देश में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की उपलब्धता बनी रहे।भारत से अफ्रीकी देश तंजानिया को होने वाले निर्यात में तेल उत्पादों की हिस्सेदारी जून तिमाही के अंत में बढ़कर 77% हो गई, जो एक साल पहले 59% थी। इसी तरह श्रीलंका के मामले में यह दोगुनी होकर 32% पहुंच गई। इसी तरह सिंगापुर को होने वाले निर्यात का दो-तिहाई हिस्सा अब रिफाइंड उत्पादों का है, जबकि अप्रैल-जून 2025 के दौरान यह 40% था। सिंगापुर भारत के रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात का सबसे बड़ा डेस्टिनेशन है।

सबसे ज्यादा उछाल

यूरोपीय देश स्पेन और फ्रांस जैसे देशों को होने वाले निर्यात में अब तेल उत्पादों की हिस्सेदारी लगभग 15% है जबकि पिछले साल यह लगभग शून्य थी। जब ग्रोथ रेट की बात आती है, तो स्पेन भी टॉप के करीब है। तेल उत्पादों के शिपमेंट का मूल्य पिछले फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में 4 मिलियन डॉलर से बढ़कर इस साल 252 मिलियन डॉलर हो गया है। यानी इसमें 63 गुना बढ़ोतरी हुई है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार इटली टॉप पर है। इस देश को निर्यात 2 मिलियन डॉलर से बढ़कर 478 मिलियन डॉलर हो गया है। जब टॉप डेस्टिनेशन की बात आती है, तो सिंगापुर ने नीदरलैंड, यूएई, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया को पीछे छोड़ दिया। भारत ने इस देश को 4.3 अरब डॉलर के तेल उत्पाद एक्सपोर्ट किए। इसके बाद तंजानिया ($2.2 बिलियन) और नीदरलैंड ($2 बिलियन) का नंबर रहा, जबकि नीदरलैंड के मामले में 41% की गिरावट देखी गई।
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