कंपनी के इस विस्तार से पवन ऊर्जा उपकरणों की घरेलू मांग पूरी करने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही, इन परियोजनाओं से करीब 3000 लोगों को सीधे और 12000 लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की उम्मीद है। कंपनी के मुताबिक, इन परियोजनाओं से जुड़े करीब 80% रोजगार ग्रामीण इलाकों में पैदा होने की संभावना है।
तमिलनाडु में 200 करोड़ का निवेश
सुजलॉन ने नई फैक्ट्रियों के लिए निवेश की योजना तैयार कर ली है। कंपनी तमिलनाडु की फैक्ट्री पर 200 करोड़ रुपये खर्च करेगी। बाकी 350 करोड़ रुपये गुजरात और कर्नाटक की फैक्ट्रियों पर लगाए जाएंगे। कंपनी के को-फाउंडर गिरीश टांटी के मुताबिक, इन प्रोजेक्ट के लिए पैसे कंपनी अपने आंतरिक संसाधनों से जुटाएगी। फैक्ट्रियों को 2027 तक स्थापित करने की योजना है।इन प्लांट को पवन ऊर्जा परियोजनाओं के नजदीक स्थापित किया जाएगा। इससे विंड ब्लेड की ढुलाई आसान होगी और समय की बचत होगी। कंपनी को अपने पास मौजूद ऑर्डर समय पर पूरा करने में भी मदद मिलेगी।
18 फैक्ट्रियों का नेटवर्क
सुजलॉन पहले से ही देश में विंड ब्लेड बनाने वाली 5 फैक्ट्रियां चला रही है। ये जैसलमेर, भुज, रतलाम, धुले और अनंतपुर में स्थित हैं। तीन नई फैक्ट्रियां शुरू होने के बाद कंपनी अपने मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क का विस्तार करेगी। कंपनी के मुताबिक, उसका मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क 18 फैक्ट्रियों तक पहुंचने की उम्मीद है। इससे कंपनी की स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग क्षमता मजबूत होगी।नई फैक्ट्रियों में AI और दूसरी डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। इनकी मदद से उत्पादन प्रक्रिया को बेहतर बनाने, गुणवत्ता पर नजर रखने और काम में होने वाली गलतियों को कम करने की कोशिश होगी।
