अमेरिकी सांसद को भारत का जवाब
राजदूत क्वात्रा ने X पर लिखा, "भारत की चुनावी और राजनीतिक प्रक्रियाओं पर रिप्रजेंटेटिव प्रमिला जयपाल की टिप्पणी भारत के आंतरिक मामलों में एक अस्वीकार्य हस्तक्षेप है। भारत के एक जीवंत लोकतंत्र है, जहां मजबूत और स्वतंत्र संवैधानिक संस्थाएं हैं। और यहां निष्पक्ष व स्वतंत्र चुनाव कराने का लंबा इतिहास रहा है।" क्वात्रा ने आगे कहा कि हम कांग्रेस (अमेरिकी) की सदस्य के साथ बातचीत करने के लिए हमेशा तैयार हैं, ताकि उनकी गलतफहमियों को दूर किया जा सके।जयपाल ने भारत में SIR पर उठाया था सवाल
भारत की चुनावी प्रक्रिया पर अपनी टिप्पणी के चलते जयपाल आलोचनाओं के घेरे में हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि भारत में वोटर लिस्ट से बड़ी संख्या में नाम हटा दिए गए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जयपाल ने लिखा, "मैं भारत सरकार द्वारा वोटर लिस्ट से 13 करोड़ लोगों के नाम हटाने जाने के कदम को लेकर बहुत चिंतित हूं।"जयपाल की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत में मतदाता सूची में संशोधन के लिए की जा रही SIR प्रक्रिया को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी पार्टियां और CJP इस मामले पर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रही हैं। यह पहली बार है जब अमेरिकी सांसद ने इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी की है।
भारत में विरोध-प्रदर्शन का समर्थन
जयपाल ने वोटर लिस्ट से नाम हटाने की तुलना भारत की तुलना अमेरिका की राजनीतिक घटनाओं से की। उन्होंने ने कहा कि ये घटनाक्रम अमेरिका में ट्रंप प्रशाससन के मतदान अधिकारों की दबाने के लिए अपनाई गई रणनीतियों से काफी मिलते-जुलते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीयों को भी अमेरिकियों की तरह, एक पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया का अधिकार है।डेमोक्रिटिक सांसद ने इसके विरोध के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का भी समर्थन किया। जयपाल ने कहा, ऐसे समय में अहिंसाक प्रतिरोध आंदोलन बहुत जरूरी हैं। मैं उन भारतीयों के साथ खड़ी हूं जो भारत में लोकतंत्र विरोधी प्रयासों का विरोध करने के लिए अहिंसक प्रदर्शन कर रहे हैं।



