भारत सरकार कम से कम 150 पाकिस्तानी महिलाओं की मदद के लिए आगे आई है, जिनकी सगाई भारत में हुई है और वीजा पाबंदियों के चलते शादी का इंतजार कर रही थीं। सिंधी समुदाय के नेता राजेश झांबिया ने पीटीआई को बताया कि भारत सरकार ने दुल्हनों और उनके रिश्तेदारों को वीजा जारी किए, जिससे वे दूसरे देशों के ट्रांजिट रूट से भारत पहुंच सकी हैं। पाकिस्तान के सिंध प्रांत में ही सबसे ज्यादा हिंदू आबादी रहती है।
कैसे मिली इजाजत
झांबिया ने बताया कि वीजा सर्विस बंद होने के बाद उन्होंने रायपुर के संत युधिष्ठिर लाल शदानी से संपर्क किया, जो सिंध के घोटकी में स्थित प्रमुख हिंदू धार्मिक स्थल शदानी दरबार के प्रमुख हैं। उन्होंने उन पाकिस्तानी महिलाओं की लिस्ट बनाई, जिनकी सगाई भारत में हुई थी। उन्होंने पाया कि 150 लड़कियों की शादी नागपुर, रायपुर, जोधपुर, पुणे और भारत के अन्य शहरों में होनी थी, जो अटकी है।मंदिर ने उस लिस्ट के साथ गृह मंत्रालय से संपर्क किया और अधिकारियों से आग्रह किया कि वे इन दुल्हनों और उनके परिवारों के लिए वीजा की सुविधा दें ताकि वे भारत आकर शादी सकें। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय ने सीमा पार से आने वाले लोगों को भारत में प्रवेश की अनुमति इस शर्त पर दी कि उन्हें हवाई मार्ग से यात्रा करनी होगी।
