सुप्रीम कोर्ट में SIR के खिलाफ आज सुनवाई होगी। राहुल गांधी समेत 13 विपक्षी नेताओं ने 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला था। फिर याचिका दाखिल की थी। 15 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में इस याचिका पर पहली सुनवाई हुई।

CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य चुनाव आयुक्तों को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने याचिका को SIR से जुड़े लंबित मामलों के साथ जोड़ने का निर्देश भी दिया।

चुनाव आयोग ने एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया। आयोग ने कहा कि SIR पर सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

विपक्षी सांसदों की मांग है कि SIR प्रक्रिया पर रोक लगे, चुनाव आयोग के फैसलों की जांच हो और रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाएं।

चुनाव आयोग ने कहा कि हमने SIR के फॉर्म 6 में कोई बदलाव नहीं किया। नियमों के अनुसार इस पर बदलाव का अधिकार केंद्र के पास है।

फैसलों पर CEC ज्ञानेश कुमार, कमिश्नर सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी तीनों की सहमति थी। कोर्ट में दाखिल एफिडेविट पर भी तीनों के दस्तखत हैं।

सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग के जवाब

  • फाइल पर आपत्ति लिखना, फैसले का विरोध नहीं: आयोग ने कहा कि फाइल पर लिखे सवाल, सुझाव या आपत्तियां अपने आप में आयोग का अंतिम फैसला नहीं होतीं।

  • नाम का पुरानी वोटर लिस्ट से मिलान नहीं हुआ तो BLO घर आएंगे: जिन लोगों के नाम पुरानी वोटर लिस्ट से नहीं जुड़ पाए हैं, उनके जरूरी दस्तावेज BLO घर जाकर जुटाएंगे और ऑनलाइन अपलोड करेंगे।

  • हर वोटर को सुनवाई के लिए दफ्तर नहीं बुलाया जाएगा: आयोग ने कहा कि ऐसे वोटरों को आम तौर पर खुद पेश होने की जरूरत नहीं होगी। जरूरत पड़ने पर सुनवाई होगी और जहां संभव होगा, ऑनलाइन की जाएगी।

  • वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने-काटने का फैसला अधिकारी करेंगे: आयोग ने साफ किया कि वोटर लिस्ट में किसी का नाम बिना सक्षम चुनाव अधिकारी (ERO) के आदेश के न जोड़ा जाएगा और न हटाया जाएगा।

  • ECINet की जांच के लिए विशेषज्ञों की टीम: IIT मद्रास और IISc बेंगलुरु के विशेषज्ञों की एक समिति बनाई गई है। यह टीम जांचेगी कि ECINet प्लेटफॉर्म ठीक से काम कर रहा है या नहीं और नियमों का पालन हो रहा है या नहीं।

  • CEC को हटाना आसान नहीं: आयोग ने कहा कि संविधान के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त को उसी प्रक्रिया और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है, जिन पर सुप्रीम कोर्ट के किसी जज को हटाया जाता है।

  • अभी संक्षिप्त जवाब, आगे विस्तार से जवाब देंगे: आयोग ने कहा कि दशहरे की छुट्टियों के कारण फिलहाल छोटा जवाब दाखिल किया गया है। जरूरत पड़ने पर वह हर आरोप का विस्तार से जवाब भी देगा।