भोपाल । शहर की व्यस्त सड़कों पर गड्ढों की मरम्मत के लिए अब ट्रैफिक डायवर्ट करने या रोकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नगर निगम ने इसके लिए जीआईपीसेट अस्फाल्ट तकनीक आधारित इंस्टा रोड पेचर मशीन से मरम्मत कार्य शुरू किया है। जीआईपीसेट डामर तकनीक पर आधारित इस मशीन से गड्ढों को भरने में कम समय लगेगा।खास बात यह है कि मरम्मत के लिए डामर को मौके पर गर्म करने की जरूरत नहीं होती, बल्कि पहले से तैयार मिश्रण को गड्ढे में भरकर मशीन से दबाया जाता है। इससे सड़क के बड़े हिस्से को बंद रखने और ट्रैफिक रोकने की जरूरत भी कम होगी।
ट्रेफिक राेके बिना होगा काम
नगर निगम के अनुसार, मशीन से करीब 10 गुणा 10 फीट के हिस्से का पेचवर्क 20 से 25 मिनट में किया जा सकता है। इस तकनीक से मेहनत और समय की बचत के साथ यातायात बाधित होने की अवधि भी कम होगी, इससे व्यस्त मार्गों पर भी कम समय में मरम्मत करना संभव होगा।
महापौर मालती राय ने शनिवार को गुलमोहर कॉलोनी में इस तकनीक से मरम्मत कार्य का शुभारंभ किया। निगम का लक्ष्य शहर की क्षतिग्रस्त सड़कों को तेजी से दुरुस्त करना है। अब इस तकनीक से तैयार पैच कितने समय तक टिकते हैं, यह भी महत्वपूर्ण होगा।
बिना गर्म किए इस्तेमाल होता है मिश्रण
इस तकनीक से सड़कों के गड्ढों को भरने से पहले सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से से धूल, मिट्टी और ढीली गिट्टी हटाई जाती है। इसके बाद गड्ढे में विशेष डामर मिश्रण भरा जाता है, जो कि गर्म नहीं होता है। मशीन की मदद से मिश्रण को निर्धारित स्तर तक फैलाकर दबाया जाता है, ताकि पैच सड़क की सतह के बराबर हो जाए।
इस प्रक्रिया में पारंपरिक पेचवर्क की तरह डामर को गर्म करने और भारी मशीनरी जुटाने की जरूरत कम होती है। मरम्मत पूरी होने के बाद सड़क को जल्द यातायात के लिए खोला जा सकता है।
मंत्री सारंग ने देखा सड़कों की मरम्मत का कार्य
मंत्री विश्वास सारंग ने रविवार सुबह नरेला विधानसभा के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने द्वारका नगर में इंस्टा रोड पेचर मशीन से की जा रही सड़कों की मरम्मत का कार्य भी देखा। इसके अलावा श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर परिसर में उन्होंने साफ-सफाई कर दीपावली से पहले विशेष सफाई अभियान की शुरुआत भी की।
उन्होंने नगर निगम के कार्यपालन यंत्री एके साहनी से जीआईपीसेट अस्फाल्ट तकनीक आधारित इंस्टा रोड पेचर मशीन के साथ ही अन्य कार्यों की जानकारी भी ली।

