दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर आज ‘सड़क पर संसद’ कार्यक्रम होगा। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पब्लिक महाभियोग लाया जाएगा।
पब्लिक महाभियोग में जनता या राजनीतिक दल किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ विरोध जताते हैं। यह कार्यक्रम पहले शुक्रवार को होने वाला था, लेकिन बारिश के कारण रद्द कर दिया गया।
राहुल ने कहा कि रविवार को कनॉट प्लेस से रामलीला मैदान तक मार्च करेंगे। 'वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली में राजनीतिक, छात्र संगठनों और सभी लोगों से आने की अपील की है।
उधर, दिल्ली के कारोबारियों ने राहुल, सोनिया गांधी के बाद अब अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव और उद्धव ठाकरे समेत विपक्षी नेताओं को चिट्ठी लिखकर 1 नवंबर को रैली टालने की अपील की है। कहा, इससे 20 बड़े थोक और रिटेल बाजारों में रोजाना होने वाला 10 से 12 हजार करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हो सकता है।
कल रामलीला मैदान के आसपास सुबह 10 से शाम 5 बजे तक ट्रैफिक डायवर्ट रहेग
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक ट्रैफिक डायवर्जन रहेगा। नेताजी सुभाष मार्ग टी-पॉइंट, राजघाट, दिल्ली गेट, ITO ए-पॉइंट, अजमेरी गेट रेड लाइट, रंजीत सिंह फ्लाईओवर, झंडेवालान गोलचक्कर, तुर्कमान गेट और मीर दर्द चौक का ट्रैफिक डायवर्ट रहेगा।
व्यापारियों ने कहा- 12 हजार करोड़ रुपए के कारोबार पर असर
दिल्ली में 1 नवंबर को होने वाली INDIA ब्लॉक की रैली को लेकर व्यापारियों ने विरोध जताया है। राहुल, सोनिया गांधी के बाद अब व्यापारियों ने अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव और उद्धव ठाकरे समेत विपक्षी नेताओं को चिट्ठी लिखकर रैली टालने की अपील की है। व्यापारियों का कहना है कि दिवाली से पहले खरीदारी और माल की सप्लाई के लिए 1 नवंबर बेहद अहम है।
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल के मुताबिक, रैली में 10 लाख लोगों और 15 से 20 हजार वाहनों के पहुंचने का अनुमान है। इस दिन रैली हुई तो दिल्ली के 20 बड़े थोक और रिटेल बाजारों में रोजाना होने वाला 10 से 12 हजार करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हो सकता है।
रामलीला मैदान के कुल 8 गेट हैं। इनमें से सिर्फ 3 गेट आम लोगों के प्रवेश के लिए खोले जाएंगे। VIP और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के लिए अलग-अलग गेट तय किए गए हैं।
मैदान में प्रवेश से पहले लोगों की दो स्तरों पर तलाशी ली जाएगी। इसके लिए मेटल डिटेक्टर, बैगेज स्क्रीनिंग मशीन और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जा रही है।
रामलीला मैदान को 14 जोन में बांटा, 3,500 पुलिसकर्मी तैनात होंगे
रामलीला मैदान को 14 जोन में बांटा गया है। हर जोन की जिम्मेदारी ACP रैंक के अधिकारी को दी गई है। इन 14 जोन को 8 रीजन में बांटा जाएगा। इनकी निगरानी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी करेंगे।
रैली में करीब 50 हजार लोगों के पहुंचने का अनुमान है। इसके लिए 3,000 से 3,500 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। इनके साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की टुकड़ियां भी रहेंगी।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, रामलीला मैदान और आसपास के इलाकों में 200 से 250 हाईडेफिनिशन CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। इनसे एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर भी नजर रखी जाएगी। कैमरों की लाइव फुटेज कंट्रोल रूम में देखी जाएगी, ताकि भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
पुलिसकर्मी बॉडी-वॉर्न कैमरों का भी इस्तेमाल करेंगे। इसके अलावा AI तकनीक से लैस कैमरों के जरिए मैदान और आसपास फेस स्कैनिंग की जाएगी। निगरानी के लिए अस्थायी कंट्रोल रूम बनाया जाएगा, जहां से मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए जाएंगे।
CTI ने रैली स्थगित करने सोनिया गांधी को लेटर लिखा
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने शुक्रवार को फिर कांग्रेस से 1 नवंबर को प्रस्तावित कांग्रेस की मेगा रैली स्थगित करने की अपील की है। इस बार नेता सोनिया गांधी को पत्र लिखा। CTI ने इससे पहले तीन बार राहुल गांधी को लेटर लिखा था।
CTI के मुताबिक, रैली से 20 बाजारों में 10,000-12,000 करोड़ रुपए के कारोबार पर असर पड़ सकता है। साथ ही, भारी ट्रैफिक जाम की आशंका जताते हुए संगठन ने रैली को दिवाली के बाद कराने या बुराड़ी ग्राउंड में स्थानांतरित करने की मांग की है।
दिल्ली में CAPF की तैनाती 16 नवंबर तक बढ़ी
केंद्र सरकार ने इस रैली, संभावित प्रदर्शनों और त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली में CAPF की 270 कंपनियों की तैनाती 16 नवंबर तक बढ़ा दी है। इनकी तैनाती की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस संभालेगी।
तैनात बलों में CRPF की 125, BSF की 46, ITBP की 39, SSB की 31, RAF की 20 और CISF की 12 कंपनियां शामिल हैं। इन्हें पहले CJP के प्रदर्शनों के मद्देनजर तैनात किया गया था।
विपक्ष की 6 बैठकें-प्रदर्शन
INDIA ब्लॉक के नेता SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 6 से 13 अक्टूबर के बीच 8 बार प्रदर्शन कर चुके हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी और लेफ्ट ने भी 10 अक्टूबर को इसी मुद्दे पर प्रदर्शन बुलाया था, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इसकी इजाजत नहीं दी। इस दौरान शहर में बैरिकेडिंग की गई थी, 45 मेट्रो स्टेशन बंद रहे और 7 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दिल्ली के त्रिलोकपुरी ब्लॉक-20 में ‘वोट अधिकार, जीने का अधिकार’ जनसुनवाई के दौरान कहा कि गरीबों के नाम जानबूझकर वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा था- हम लंबे समय से यह मुद्दा उठाते रहे हैं, लेकिन अब पूरा देश समझने लगा है कि टॉप लेवल से वोट चोरी हो रही है।

