दरअसल, किनेट कंपनी को डिजाइन देने के लिए एक जर्मन सलाहकार को रखा गया था, लेकिन उसने अभी तक मंजूर किया हुआ फाइनल डिजाइन कंपनी को नहीं सौंपा है। कंपनी ने बताया है कि इन स्लीपर ट्रेनों का पहला मॉडल (प्रोटोटाइप) अब 2026 के अंत तक ही बनकर तैयार हो पाएगा, यानी यह काम अपनी तय समयसीमा से 2 साल से भी ज्यादा लेट हो चुका है।
120 नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का काम अटका, सामने आई ये बड़ी वजह, अब खुद कोच बनाएगा रेलवे
नई दिल्ली: वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का इंतजार कर रहे लोगों के लिए एक बुरी खबर है। भारत और रूस की पार्टनरशिप वाली कंपनी किनेट रेलवे सॉल्यूशंस (Kinet Railway Solutions) जो 120 स्लीपर ट्रेनें बना रही है, उनके आने में अब काफी समय लगेगा। अधिकारियों का कहना है कि ट्रेनों का डिजाइन अभी तक फाइनल नहीं हो पाया है। यही वजह है कि अब भारतीय रेलवे इन आधुनिक स्लीपर कोचों को जल्दी तैयार करने के लिए अपनी खुद की फैक्ट्रियों की मदद लेने जा रहा है।
दरअसल, किनेट कंपनी को डिजाइन देने के लिए एक जर्मन सलाहकार को रखा गया था, लेकिन उसने अभी तक मंजूर किया हुआ फाइनल डिजाइन कंपनी को नहीं सौंपा है। कंपनी ने बताया है कि इन स्लीपर ट्रेनों का पहला मॉडल (प्रोटोटाइप) अब 2026 के अंत तक ही बनकर तैयार हो पाएगा, यानी यह काम अपनी तय समयसीमा से 2 साल से भी ज्यादा लेट हो चुका है।
दरअसल, किनेट कंपनी को डिजाइन देने के लिए एक जर्मन सलाहकार को रखा गया था, लेकिन उसने अभी तक मंजूर किया हुआ फाइनल डिजाइन कंपनी को नहीं सौंपा है। कंपनी ने बताया है कि इन स्लीपर ट्रेनों का पहला मॉडल (प्रोटोटाइप) अब 2026 के अंत तक ही बनकर तैयार हो पाएगा, यानी यह काम अपनी तय समयसीमा से 2 साल से भी ज्यादा लेट हो चुका है।











