स्मार्टफोन बाजार में बड़ा उलटफेर, 3 साल की सबसे बड़ी मंदी

स्मार्टफोन बाजार में बड़ा उलटफेर, 3 साल की सबसे बड़ी मंदी
नई दिल्ली: भारत के स्मार्टफोन बाजार में जून तिमाही (Q1) के दौरान सालाना आधार पर 10% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। साल 2023 की जनवरी-मार्च तिमाही के बाद से यह पिछले तीन वर्षों में सबसे बड़ी तिमाही गिरावट है।

इस मंदी का सबसे गंभीर असर बजट सेगमेंट पर पड़ा है। 15,000 रुपये से कम कीमत वाले स्मार्टफोन की बिक्री पिछले साल की तुलना में 45% तक घट गई है। काउंटरपॉइंट रिसर्च (Counterpoint Research) के अनुसार, इस मंदी ने चीनी स्मार्टफोन ब्रांड्स को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। ऐसा इसलिए क्योंकि वे सस्ते और मिड-रेंज डिवाइसेज पर बहुत अधिक निर्भर हैं। इसके चलते अप्रैल-जून तिमाही में उनकी कुल बाजार हिस्सेदारी साल 2020 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर आ गई है।

ब्रांड्स का प्रदर्शन और मार्केट शेयर

वीवो (Vivo): बिक्री में दो अंकों की गिरावट के बावजूद वीवो 17.8% मार्केट शेयर के साथ शीर्ष स्थान पर बरकरार रहा।
सैमसंग (Samsung): टॉप-5 ब्रांड्स में सैमसंग इकलौता ऐसा ब्रांड रहा जिसने 2% की बढ़त दर्ज की। इसने 17.6% मार्केट शेयर के साथ वीवो से अपना अंतर बेहद कम कर लिया है।
ओप्पो (Oppo): 13.6% शेयर के साथ ओप्पो तीसरे स्थान पर रहा। इसने 20,000 रुपये से महंगे फोन की मजबूत मांग के दम पर मंदी के असर को संभाला।
शाओमी (Xiaomi): बार-बार कीमतें बढ़ाने के कारण ग्राहकों की मांग कमजोर हुई और शाओमी (पोको सहित) 13.4% हिस्सेदारी के साथ चौथे स्थान पर खिसक गया।
रियलमी (Realme): यह ब्रांड भी गिरावट के साथ 10% मार्केट शेयर पर रहा।
एपल (Apple): आईफोन 17 सीरीज की मजबूत मांग के बावजूद, सप्लाई चेन में दिक्कतों और स्टॉक की कमी के कारण एपल की बिक्री में भी 3% की गिरावट आई और इसकी बाजार हिस्सेदारी 7% रही।

क्यों महंगी हुईं फोन की कीमतें?

काउंटरपॉइंट के सीनियर एनालिस्ट प्राचिर सिंह के मुताबिक, स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाली मेमोरी (रैम और स्टोरेज) की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी इस मंदी की मुख्य वजह रही है। सितंबर 2025 से स्मार्टफोन मेमोरी की कीमतें लगभग चार गुना बढ़ चुकी हैं। इस वजह से कंपनियों को इस साल कई बार फोन के दाम बढ़ाने पड़े, जिससे जून तिमाही के अंत तक स्मार्टफोन की औसत कीमतें करीब 15% बढ़ गईं। साथ ही, बढ़ती महंगाई के कारण लोगों ने नया फोन खरीदना या अपग्रेड करना टाल दिया है।

4G और प्रीमियम सेगमेंट का सहारा

मंदी से निपटने के लिए कई ब्रांड्स ने बजट सेगमेंट में फिर से अपने 4G पोर्टफोलियो का विस्तार किया है। कंपनियों का मानना है कि कीमत को प्राथमिकता देने वाले ग्राहक 5G के बजाय कम दाम वाले 4G फोन चुन रहे हैं।
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