इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस का विरोध किया, जिससे वहां हंगामा हो गया। वहीं कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल शुरू कर दी है। मंच से नीचे आकर बैठे दीपके पर एक महिला ने स्याही फेंकी।
वांगचुक पेपर लीक मामले की जांच और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन कर रहे हैं। उनकी सेहत लगातार गिरती जा रही थी। उनका वजन करीब 9.5 किलो कम हो गया है।
दरअसल दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को केंद्र और दिल्ली सरकार को आदेश दिया था कि वांगचुक का रोजाना मेडिकल चेकअप किया जाए और जरूरत पड़ने पर उनका इलाज कराया जाए।
वांगचुक के अलावा 3 स्टूडेंट भी भूख हड़ताल पर
वांगचुक के साथ ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (AISA) की नेहा, आमीन और मनीष भी पिछले 21 दिनों से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे हैं। वे अभी भी अनशन पर हैं।
नेहा को गंभीर हाइपोग्लाइसीमिया के कारण अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी गई है, जबकि आमीन और मनीष की तबीयत भी लगातार बिगड़ रही है।
हाइपोग्लाइसीमिया वह स्थिति है जब खून में शुगर लेवल सामान्य से बहुत कम हो जाता है। आमतौर पर 70mg/dL से कम ब्लड शुगर को हाइपोग्लाइसीमिया माना जाता है।











