आधव अर्जुन ने सरकार का बचाव किया
वहीं तमिलनाडु में कावेरी नदी की मेकेदातु परियोजना पर राजनीतिक विवाद के बीच टीवीके नेता और राज्य के लोक निर्माण और खेल विकास मंत्री आधव अर्जुन ने सरकार का बचाव किया है। उन्होंने डीएमके अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर लोगों को गुमराह करने और गलत तथ्य पेश किए जाने का आरोप लगाया है। एमके स्टालिन के आरोपों पर मंत्री आधव अर्जुन ने कहा कि सरकार ने कावेरी के पानी में अपने उचित हिस्से की सुरक्षा के लिए लगातार कानूनी, प्रशासनिक और राजनीतिक उपाय किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का दृष्टिकोण डेल्टा किसानों के हितों की रक्षा करना, पीने के पानी की सुरक्षा सुनिश्चित करना और कर्नाटक को उचित प्रक्रिया के बिना प्रस्तावित मेकेदातु जलाशय परियोजना को आगे बढ़ाने से रोकना था।पीएम मोदी से सामने उठाया मुद्दा
आधव ने बताया कि मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने 27 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक के दौरान व्यक्तिगत रूप से तमिलनाडु की आपत्तियां उठाई थीं। चर्चा के दौरान, मुख्यमंत्री ने केंद्र से कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण के अंतिम फैसले और सुप्रीम कोर्ट के 16 फरवरी 2018 के फैसले को लागू करने का आग्रह किया, साथ ही मेकेदातु परियोजना के लिए किसी भी तरह की मंजूरी का कड़ा विरोध किया। आधव के अनुसार, जब ऐसी खबरें आईं कि कर्नाटक प्रस्तावित जलाशय के लिए भूमि पूजन करने की तैयारी कर रहा है, तो मुख्यमंत्री ने 19 जून को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर राज्य सरकार के रुख को दोहराया। पत्र में इस बात पर जिक्र दिया गया कि सभी संबंधित राज्यों (तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी) की सहमति के बिना परियोजना को मंजूरी नहीं मिल सकती है। इस पत्र में केंद्र से जल शक्ति मंत्रालय और केंद्रीय जल आयोग को उचित निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया।











