अमेरिकी सेना ने अपने मोबाइल टैक्टिकल कैनन प्रोग्राम के तहत K9 तोप को चुना है। दक्षिण कोरियाई कंपनी अमेरिकी सेना को अपनी 155 की एमएम की K9 मोबाइल तोप का प्रोटोटाइप देगी ताकि उसे टेस्ट किया जा सके। अगर यह टेस्ट सफल रहा तो इसे 155mm M777 तोप की जगह पर तैनात किया जाएगा। अमेरिकी सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इसे लंबी दूरी हमला करने की ताकत को बढ़ावा देने के प्रयास के तहत चुना गया है। अभी कंपनी 18 प्रोटोटाइप अमेरिकी सेना को देगी। करीब 4 साल तक अमेरिकी सैनिक इसे टेस्ट करेंगे।
अमेरिकी M777 से ज्यादा ताकतवर है K9 तोप
दक्षिण कोरियाई कंपनी के अलावा अमेरिकी, ब्रिटिश और इजरायली कंपनियां भी इसके लिए दावा ठोक रही हैं। इस टेस्ट के दौरान अमेरिकी सैनिक अपनी राय देंगे और बताएंगे कि यह मल्टी डोमेन ऑपरेशन के लिए कितना कारगर है। K9 तोप को दक्षिण कोरिया की सेना में शामिल किया गया है। इसके अलावा भारत, ऑस्ट्रेलिया, मिस्र, एस्टोनिया, फिनलैंड, नार्वे, पोलैंड और तुर्की की सेना में बड़े पैमाने पर शामिल किया गया है। इस तोप में 155 एमएम का गोला दागने की क्षमता है।K9 तोप में लंबी बैरल लगी है जिससे यह M777 की तुलना में ज्यादा दूरी तक हमला करने की क्षमता रखती है। K9 तोप की अधिकतम मारक दूरी 60 किमी है। वहीं M777 की बात करें तो इसकी अधिकतम मारक दूरी केवल 32 किमी तक ही है। M777 तोप को जहां टो करके किसी दूसरी गाड़ी की मदद से ले जाया जाता है, वहीं K9 तोप में पहिए और सुरक्षा के लिए कवच लगा होता है। K9 तोप बहुत तेजी से हमला करने में माहिर है। K9 तोप में हमेशा 40 राउंड गोला ले जाया जा सकता है। इसके साथ एक K10 सप्लाई वाहन चलता है जो जंग के मैदान में बहुत ही तेजी से रीलोड करने में मदद करता है।
