भारत के लिए समुद्र में 'ट्रिपल खतरा', चीन और पाकिस्तान के बाद बंगाल की खाड़ी में नया मोर्चा, ये थर्ड फ्रंट कैसे बन रहा?

भारत के लिए समुद्र में 'ट्रिपल खतरा', चीन और पाकिस्तान के बाद बंगाल की खाड़ी में नया मोर्चा, ये थर्ड फ्रंट कैसे बन रहा?
नई दिल्ली/बीजिंग: ताइवान पर हमला करने से पहले क्या चीन भारत को कई मोर्चों पर उलझाना चाहता है? ऐसा इसलिए क्योंकि चीन जानता है कि ताइवान पर हमले के वक्त उसके लिए सबसे बड़ा खतरा भारत से होगा। चीन जानता है कि उसके लिए सबसे ज्यादा खतरा पैदा करने की क्षमता अमेरिका की नहीं बल्कि भारत की है। इसलिए वो भारत को हिमालय से लेकर नीचे समंदर तक उलझाना चाहता है।

हिमालय में चीन ऐसा पाकिस्तान के साथ कर रहा है जबकि समंदर में वो बांग्लादेश और मालदीव जैसे देशों के साथ कर रहा है। बांग्लादेश ने पाकिस्तान के संबंध फिर से बनाने शुरू कर दिए हैं और चीन इसमें एक भूमिका निभा रहा है। इससे भारत के लिए सिर्फ चीन और पाकिस्तान के मोर्चे पर नहीं, बल्कि तीसरे बांग्लादेश के मोर्चे पर भी उलझने की खतरा बढ़ गया है। ऐसे में सिर्फ हिंद महासागर नहीं बल्कि बंगाल भी खाड़ी भारत के लिए काफी ज्यादा रणनीतिक तौर पर अहम हो गया है। भारतीय नौसेना की जिम्मेदारी इसको लेकर काफी बढ़ जाती है।

भारत को हिमालय से समंदर तक कैसे उलझा रहा चीन?

अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान और भारत का QUAD गठबंधन डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में कमजोर हुआ है। चीन के लिए ये एक शानदार मौका है। बांग्लादेश के साथ मिलकर वो बंगाल की खाड़ी में अपनी स्थिति मजबूत कर सकता है। ये भारत की सुरक्षा के लिहाज से सबसे बड़ा खतरा होगा। डोनाल्ड ट्रंप अगर अपनी इसी नीति पर चलते रहे तो चीन को कई मोर्चों पर उलझाने के बजाए भारत के लिए दिक्कत ये है कि वो खुद कई मोर्चों पर उलझ सकता है। उत्तर में चीन, पश्चिम में पाकिस्तान और पूर्व में चीन और पाकिस्तान के साथ जुड़ा बांग्लादेश।
अमेरिका के पूर्व सैन्य अधिकारी वोल्फगैंग पीटरमैन ने वॉर ऑन द रॉक्स वेबसाइट में लिखा है कि इसका असर ये होगा कि भविष्य में जब ताइवान पर हमला होगा तो चीन की ये स्ट्रैटजी उसे काफी मदद करेगी। ऐसी स्थिति में चीन को भारतीय मोर्चे से काफी कम दबाव का सामना करना होगा। उसे हिंद महासागर या बंगाल की खाड़ी में अपनी ज्यादा सैन्य संपत्ति को भेजने की जरूरत नहीं होगी क्योंकि ये काम पाकिस्तान और बांग्लादेश कर सकते हैं। ऐसे में वो अमेरिका को काउंटर करने के लिए अपनी शक्ति को पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र, साउथ चाइना सी से लेकर सेनकाकू/दियाओयू आइलैंड्स के आसपास या कोरियन पेनिनसुला तक तैनात कर सकता है।
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