पुजारी ने भाजपा विधायक के वादे की पोल खोली:सांसद बुलाते रहे, मंच पर नहीं गईं पूर्व मंत्री; विधायक ने गाया मोदी के नाम का भजन

पुजारी ने भाजपा विधायक के वादे की पोल खोली:सांसद बुलाते रहे, मंच पर नहीं गईं पूर्व मंत्री; विधायक ने गाया मोदी के नाम का भजन

पुजारी ने विधायक को याद दिलाया वादा

एक मंदिर के पुजारी ने भाजपा विधायक के सामने उनके ही वादे की पोल खोल दी। इतना ही नहीं, उन्हें सबके सामने खरी-खोटी भी सुना दी। मामला देवास जिले के सोनकच्छ का है, जहां भाजपा विधायक राजेश सोनकर अपने विधानसभा क्षेत्र के एक मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचे थे।

पूजा करने के बाद जब विधायक बाहर आए तो पुजारी ने उन्हें सड़क बनवाने का पुराना वादा याद दिलाया। उन्होंने विधायक से कहा- पिछली बार जब आप आए थे तो कहा था कि अगली बार डामर रोड से ही आऊंगा। लेकिन अब तक रोड बनी नहीं है।

विधायक चुपचाप पंडित जी की बात सुनते रहे। इस पूरे वाकये का वीडियो सामने आया है, जिस पर लोग चुटकियां ले रहे हैं। कह रहे हैं कि ये पब्लिक है... इसे सब याद रहता है। उम्मीद है, नेता जी अब अपना वादा निभाएंगे।

बुलाया फिर भी मंच पर नहीं गईं इमरती देवी

भाजपा सांसद भारत सिंह कुशवाह मंच से पूर्व मंत्री इमरती देवी को बुलाते रहे लेकिन वे मंच पर नहीं गईं। वे कार्यकर्ताओं के साथ नीचे ही बैठी रहीं।

मामला ग्वालियर के डबरा का है। इस वाकये का वीडियो भी सामने आया है, जिसे लेकर भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी एक बार फिर सार्वजनिक होती नजर आई।

जब इमरती देवी से सवाल किया गया कि वे मंच पर क्यों नहीं गईं तो उन्होंने कहा- वहां तो मर्डर करने वाले भी बैठे हैं। ऐसे लोगों के साथ जाने का क्या मतलब है। अब चर्चा है कि आखिर उनका इशारा किस ओर था।

पूर्व मंत्री ने यह भी कहा कि वे किसी से नाराज नहीं हैं। वे खुद को भाजपा और ज्योतिरादित्य सिंधिया की कार्यकर्ता मानती हैं और कार्यकर्ताओं के बीच बैठना पसंद करती हैं।

भाजपा विधायक ने गाया मोदी के लिए भजन

17 सितंबर को भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया। इस दौरान छतरपुर से भाजपा विधायक ललिता यादव ने मोदी के नाम का भजन भी गाया।

विधायक ललिता यादव ने ‘मोदी जन्मे आधी रात, सुनो री सखियां...’ भजन सुनाया। भाजपा की अन्य महिला नेताओं ने भी उनका साथ दिया। विधायक के इस भजन की जमकर चर्चा हो रही है।

टेंडर को लेकर आमने-सामने दो अधिकारी

मध्य प्रदेश में एक ही विभाग के दो अलग-अलग विंग में एक ही बैच के दो आईएएस अफसरों के बीच इन दिनों टकराव की स्थिति है। इनमें से एक अफसर महिला हैं। टकराव की वजह टेंडर को बताया जा रहा है।

महिला अफसर अपनी बनाई गई टेंडर की शर्तों के मुताबिक ही काम करना चाहती हैं। एक-दो मौकों पर उनके मन मुताबिक काम भी हुआ। इसके बाद दूसरे विंग में पदस्थ उनके समकक्ष अफसर ने टेंडर की शर्तों में बदलाव कर दिया।

खास बात यह है कि इस अफसर की पोस्टिंग कुछ समय पहले ही हुई है। इनके सामने टेंडर की फाइल आई तो उन्होंने शर्तों में बदलाव कर दिया। महिला अफसर ने चिट्ठी लिखकर उन्हें दो टूक कह दिया है कि आप टेंडर की शर्तों में बदलाव नहीं करेंगे।

अब टेंडर की शर्तों में बदलाव का अधिकार किसके पास है, इसी बात को लेकर दोनों अफसर आमने-सामने आ गए हैं। बात बढ़ी तो मामला वल्लभ भवन तक पहुंच गया है। देखना यह है कि इस टकराव में कौन-सा अफसर अपना दबदबा साबित करता है।

इनपुट सहयोग - महेश सोलंकी (देवास), सलिल श्रीवास्तव (डबरा), राजेश चौरसिया (छतरपुर)


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