एडिनबर्ग में आयोजित ICC की वार्षिक बैठकों के बाद ICC ने वेस्टइंडीज क्रिकेट को एक बड़ी वित्तीय राहत देने की घोषणा की है। पिछले कई सालों से आर्थिक तंगहाली से जूझ रहे क्रिकेट वेस्टइंडीज को आईसीसी की ओर से लोन मंजूर किया गया है। कई पूर्व खिलाड़ियों द्वारा समय-समय पर उठाए गए मुद्दों के बाद वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड ने आईसीसी से इस वित्तीय सहायता की गुहार लगाई थी।
क्रिकेट के पहले विश्व विजेता की ऐसी गरीबी, 100 करोड़ रुपये से अधिक का लेना पड़ा लोन, कभी बोलती थी तूती
नई दिल्ली: क्रिकेट इतिहास के पहले दो वर्ल्ड कप जीतकर दुनिया पर राज करने वाली और कभी क्रिकेट के मैदान पर खौफ का दूसरा नाम रही वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम आज पाई-पाई को मोहताज हो चुकी है। आर्थिक तंगहाली के सबसे बुरे दौर से गुजर रहे वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड को अपना अस्तित्व और घाटे से बचाने के लिए आईसीसी से 12.82 मिलियन अमेरिकी डॉलर (यानी 123 करोड़ रुपये से अधिक) का भारी-भरकम लोन लेना पड़ा है। एक दौर वो था जब दुनिया की बड़ी से बड़ी टीमें कैरेबियाई दिग्गजों के सामने पानी मांगती थीं, और आज एक दौर ये है जहां बोर्ड को चलाने के लिए कर्ज का सहारा लेना पड़ रहा है।
एडिनबर्ग में आयोजित ICC की वार्षिक बैठकों के बाद ICC ने वेस्टइंडीज क्रिकेट को एक बड़ी वित्तीय राहत देने की घोषणा की है। पिछले कई सालों से आर्थिक तंगहाली से जूझ रहे क्रिकेट वेस्टइंडीज को आईसीसी की ओर से लोन मंजूर किया गया है। कई पूर्व खिलाड़ियों द्वारा समय-समय पर उठाए गए मुद्दों के बाद वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड ने आईसीसी से इस वित्तीय सहायता की गुहार लगाई थी।लगातार हो रहे भारी नुकसान के चलते CWI को थी लोन की दरकार
क्रिकेट वेस्टइंडीज के ऑडिटेड फाइनेंस बयानों के अनुसार, 30 सितंबर 2025 को खत्म हुए साल में बोर्ड को 28 मिलियन डॉलर का घाटा हुआ था, जबकि इससे पिछले साल उन्हें 24 मिलियन डॉलर का मुनाफा हुआ था। इतना ही नहीं, साल 2026 के चक्र में भी बोर्ड को 26 मिलियन डॉलर के नुकसान का अनुमान है। इस बड़े फंड गैप को भरने के लिए वेस्टइंडीज बोर्ड लगातार आईसीसी लोन और कमर्शियल बैंकिंग क्रेडिट सुविधाओं की तलाश में था, जो अब जाकर हकीकत बन पाया है। इससे पहले साल 2012 में भी वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे को आईसीसी से ऐसी ही सहायता मिली थी, जबकि 2020 में कोविड महामारी के दौरान इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें 3 मिलियन डॉलर का लोन दिया था जिसे चुका दिया गया था।
मौरिशस बना नया सदस्य, श्रीलंका और फ्रांस पर लगा प्रतिबंध
आईसीसी की इस बैठक में वैश्विक सदस्यता को लेकर भी कई बड़े फैसले लिए गए, मौरिशस को आईसीसी के 111वें सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। अब आईसीसी में 12 पूर्ण सदस्य और 98 एसोसिएट सदस्य हो गए हैं। कनाडा क्रिकेट बोर्ड के निलंबन को हटाने के लिए बहाली की शर्तों को मंजूरी दे दी गई है। इसके अलावा संशोधित संविधान मिलने तक श्रीलंका क्रिकेट अब आईसीसी बोर्ड की बैठकों में तब तक प्रतिनिधित्व नहीं कर पाएगा, जब तक कि वहां नए चुनाव नहीं हो जाते। सदस्यता मानदंडों का उल्लंघन करने के चलते फ्रांस क्रिकेट को आईसीसी द्वारा नोटिस पर रखा गया है।
आईसीसी ने बनाईं दो नई उप-समितियां
प्रशासनिक और लीग सुधारों को ध्यान में रखते हुए आईसीसी बोर्ड ने दो नई उप-समितियों का गठन किया है। इस कमेटी में बीसीसीआई के देवाजीत सैकिया, क्रिकेट साउथ अफ्रीका के डॉ. मोहम्मद मूसाजी और आईसीसी की निदेशक डॉ. रॉस रीवाज शामिल हैं। बांग्लादेश के पूर्व कप्तान तमीम इकबाल को इस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। उनके अलावा इसमें डॉ. रूडी वैन वूरेन (नामीबिया), देवाजीत सैकिया (BCCI), रिचर्ड गोल्ड (ECB) और टॉड ग्रीनबर्ग (क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया) को शामिल किया गया है।
एडिनबर्ग में आयोजित ICC की वार्षिक बैठकों के बाद ICC ने वेस्टइंडीज क्रिकेट को एक बड़ी वित्तीय राहत देने की घोषणा की है। पिछले कई सालों से आर्थिक तंगहाली से जूझ रहे क्रिकेट वेस्टइंडीज को आईसीसी की ओर से लोन मंजूर किया गया है। कई पूर्व खिलाड़ियों द्वारा समय-समय पर उठाए गए मुद्दों के बाद वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड ने आईसीसी से इस वित्तीय सहायता की गुहार लगाई थी।











