महंत दिनेंद्र दास ने बताया कि उनकी जानकारी में अभी किसी और का नाम चर्चा में नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति को प्रवक्ता बनाया जाए जिसका मीडिया से करीबी रिश्ता रहा हो जिससे मंदिर के कार्यक्रम व निर्माण आदि के बारे में सही जानकारी का आदान-प्रदान हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में मंदिर परिसर में दीपोत्सव से लेकर अन्य धार्मिक अनुष्ठान व रंगारंग कार्यक्रम होने हैं। इसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी होना चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं को मंदिर के बारे में नियमित व सही जानकारी मिल सके।
अयोध्या के राम मंदिर के प्रवक्ता की नियुक्ति ट्रस्ट की बैठक में होगी, VHP से जुड़े मीडिया प्रभारी के नाम की चर्चा
वीएन दास, अयोध्या : चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद राम मंदिर परिसर में अब व्यवस्था और चुस्त-दुरुस्त करने का सिलसिला जारी है। हालांकि मीडिया से कनेक्टिविटी का काम पेंडिंग हैं। इसको लेकर भी अब दो दिसंबर की बैठक में मंदिर ट्रस्ट के प्रवक्ता की नियुक्ति कर दी जाएगी। मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास ने बताया कि उन्होंने विश्व हिंदू परिषद (विहिप) से जुड़े रहे मीडिया प्रभारी का नाम प्रस्तावित किया है। उन्हें तक राम मंदिर की सूचना मीडिया में देने का अनुभव है। मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने भी उनके नाम पर सहमति जताई है। इस पर मंदिर ट्रस्ट की बैठक में चर्चा हो सकती है।
महंत दिनेंद्र दास ने बताया कि उनकी जानकारी में अभी किसी और का नाम चर्चा में नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति को प्रवक्ता बनाया जाए जिसका मीडिया से करीबी रिश्ता रहा हो जिससे मंदिर के कार्यक्रम व निर्माण आदि के बारे में सही जानकारी का आदान-प्रदान हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में मंदिर परिसर में दीपोत्सव से लेकर अन्य धार्मिक अनुष्ठान व रंगारंग कार्यक्रम होने हैं। इसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी होना चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं को मंदिर के बारे में नियमित व सही जानकारी मिल सके।
महंत दिनेंद्र दास ने बताया कि उनकी जानकारी में अभी किसी और का नाम चर्चा में नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति को प्रवक्ता बनाया जाए जिसका मीडिया से करीबी रिश्ता रहा हो जिससे मंदिर के कार्यक्रम व निर्माण आदि के बारे में सही जानकारी का आदान-प्रदान हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में मंदिर परिसर में दीपोत्सव से लेकर अन्य धार्मिक अनुष्ठान व रंगारंग कार्यक्रम होने हैं। इसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी होना चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं को मंदिर के बारे में नियमित व सही जानकारी मिल सके।
