NCERT की पढ़ाई कर छात्रों ने दिए CG बोर्ड एग्जाम

NCERT की पढ़ाई कर छात्रों ने दिए CG बोर्ड एग्जाम
बिलासपुर, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पूरे साल NCERT की किताबों से पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स पर अचानक सीजी बोर्ड एग्जाम थोप दिया गया। स्कूल प्रबंधन की मनमानी पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने भी हाथ खड़े कर दिए। कलेक्टर ने पेरेंट्स से उल्टा सवाल किया कि आपको स्कूल की मान्यता देखकर एडमिशन दिलाना था।

पेरेंट्स ने मंगलवार को अव्यवस्था के बीच बच्चों को बोर्ड एग्जाम में शामिल कराया। हालांकि अब केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर जांच कर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

दरअसल व्यापार विहार, मिशन स्कूल रोड और बहतराई में ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल संचालित हैं। व्यापार विहार और मिशन स्कूल रोड में संचालित स्कूलों में 5वीं और 8वीं का होम एग्जाम हो चुके हैं। इस बीच राज्य सरकार ने 5वीं और 8वीं की बोर्ड परीक्षा लेने का आदेश जारी किया।

स्कूल प्रबंधन ने इस आदेश की जानकारी देते हुए पेरेंट्स को बच्चों को परीक्षा दिलाने भेजने कहा। यह सुनकर पेरेंट्स का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने स्कूल प्रबंधन और जिला प्रशासन से मामले की शिकायत की, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।

2 घंटे तक कलेक्टर से मिलने इंतजार करते रहे पेरेंट्स

सोमवार को पूरे दिन इस मामले को लेकर स्टूडेंट्स और उनके पेरेंट्स परेशान होकर भटकते रहे। दोपहर में उन्होंने कलेक्टर संजय अग्रवाल से शिकायत की, तब शुरूआत में उन्होंने स्कूल प्रबंधन से चर्चा करने का भरोसा दिलाया।

रात में स्कूल प्रबंधन ने अचानक परिजनों को मैसेज भेजा कि मंगलवार को बच्चों को बोर्ड परीक्षा में शामिल कराएं। यह जानकार परिजन आधी रात ब्रिलियंट स्कूल पहुंच गए। जहां जमकर हंगामा हुआ, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। परिजनों को रोकने पुलिस जरूर पहुंची।

इससे नाराज परिजन कलेक्टर बंगला पहुंच गए। यहां भी काफी देर तक हंगामा चलता रहा। करीब दो घंटे इंतजार के बाद भी कलेक्टर उनसे मिलने नहीं आए। वहीं एसडीएम मनीष साहू और पुलिस अफसरों ने परिजनों को छात्रहित में फैसला लेने का भरोसा दिलाया।

एग्जाम से पहले कलेक्ट्रेट पहुंचे परिजन

मंगलवार को एग्जाम शुरू होने से पहले परिजन फिर कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां कलेक्टर ने अभिभावकों के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा की, लेकिन उन्होंने पूरा दोष परिजनों पर ही मढ़ दिया।

उनका कहना था कि उन्हें स्कूल की मान्यता देखकर बच्चों को प्रवेश दिलाना था, अब वो इस मामले में कुछ नहीं कर सकते। उनकी बात सुनकर मायूस परिजन लौट गए और बच्चों को सीजी बोर्ड के एग्जाम में शामिल कराया।

जानिए क्या है पेरेंट्स की नाराजगी

पेरेंट्स का कहना है कि स्कूल प्रबंधन ने एक दिन पहले बोर्ड परीक्षा होने की जानकारी दी। उनके बच्चे परीक्षा दिला चुके हैं, ऐसे में सिर्फ एक दिन पहले सूचना देकर बोर्ड परीक्षा कैसे ली जा सकती है? बच्चों को तैयारी का समय भी नहीं मिला।

उनका कहना है कि ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले सैकड़ों छात्रों को सीबीएसई की जानकारी देकर एडमिशन लिया। अभिभावकों का सवाल है कि क्या ऐसे मनमानी करने वाले स्कूलों पर शासन-प्रशासन का कोई नियंत्रण नहीं है।

आधे घंटे देरी से पहुंचे स्टूडेंट्स

शिक्षा विभाग ने व्यापार विहार के स्कूल के बर्जेश स्कूल और मिशन स्कूल के छात्रों के लिए छत्तीसगढ़ स्कूल में परीक्षा केंद्र बनाया था। यहां एक हॉल में 8वीं के छात्रों को अगल- बगल बिठाकर गणित की परीक्षा ली गई।

कई छात्र पीछे और साथ बैठे दूसरे छात्र से पूछकर सवाल हल करते नजर आए। अधिकांश छात्र परीक्षा केंद्र में देर से पहुंचे। परीक्षा का सुबह सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक का था। उन्हें आधा घंटा एक्सट्रा दिया गया।

केंद्रीय राज्यमंत्री ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र

इधर, कलेक्टर संजय अग्रवाल के इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार करने पर परेशान परिजनों ने केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू से मुलाकात की। अपने बच्चों के भविष्य का हवाल देने उन्होंने इस मामले की जांच कराने और दोषी स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

उनकी बातों को सुनने के बाद केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने मुख्य सचिव विकासशील को पत्र लिखा है। मुख्य सचिव को वरिष्ठ अधिकारियों की टीम गठित कर प्रकरण की त्वरित, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने को कहा है।

साथ ही कहा है कि दोषी पाए जाने पर संबंधित प्रबंधन के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।


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