पाकिस्तान को सुनाया
क्षितिज त्यागी ने कहा, 'पाकिस्तान का तरीका देश के सामने मौजूद आर्थिक चुनौतियों को हल करने में मदद नहीं करेगा। पाकिस्तान दूसरों के इलाके पर कब्जा करने या आतंक फैलाने के बजाय, विकास पर ध्यान देकर अपने लोगों की बेहतर सेवा करेगा, क्योंकि न तो ये, और न ही काउंसिल में उसकी नौटंकी, उसकी अर्थव्यवस्था के लोन चुकाने में मदद करेगी।'पाकिस्तान को दिखाया आईना
त्यागी ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में बिगड़ती स्थिति की ओर भी इशारा किया, जिसमें जून से नागरिकों की मौत, इस्लामाबाद और रावलपिंडी में छात्रों की गिरफ्तारी और भोजन व दवाओं पर प्रतिबंध की रिपोर्टों का हवाला दिया गया। उन्होंने कहा, 'अगर इस कमरे में कोई भी प्रतिनिधिमंडल इस परिषद की जांच के हर मानदंड को पूरा करता है, तो वह पाकिस्तान है।' उन्होंने कहा कि भारत में दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी में से एक है, जहां अल्पसंख्यक वोट देते हैं, कानून बनाते हैं, सुप्रीम कोर्ट में बैठते हैं और संस्थानों का नेतृत्व करते हैं।उन्होंने कहा, 'इस परिषद को पाकिस्तान से स्पष्टीकरण की जरूरत नहीं है। यह 1990 में हुआ था, कश्मीरी पंडितों के साथ, जिन्हें उन आतंकवादियों ने अपने घरों से निकाल दिया था, जिन्हें पाकिस्तान ने हथियार दिए, प्रशिक्षित किया और सीमा पार भेजा। उन आतंकवादियों ने तब से हर धर्म के कश्मीरियों को मारा है, उनमें से कई मुसलमान हैं। जिस देश ने उन्हें प्रायोजित किया, वह अब इस परिषद से जांच की मांग कर रहा है। इस परिषद से यह विडंबना छिपी नहीं रहेगी।'
कौन हैं क्षितिज त्यागी?
क्षितिज त्यागी 2012 बैच के आईएफएस ऑफिसर हैं। वह वर्तमान में जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में काउंसर के पद पर तैनात हैं। लिस्बन, ब्रासीलिया, काहिरा और नई दिल्ली में प्रमुख पदों पर तैनात रह चुके हैं।क्षितिज ने IIT खड़गपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक और थर्मल एनर्जी एंड एनवायरमेंट में एमटेक किया है। भारतीय विदेश सेवा में आने से पहले उन्होंने बिजनेस एनालिस्ट और बाद में ऊर्जा मंत्रालय में वैज्ञानिक के रूप में काम किया। इसके बाद उन्होंने 2012 में यूपीएससी क्लियर कर आईएफएस अधिकारी बने। अंग्रेजी, ऊर्दू, हिंदी, पुर्तगाली और अरबी में उनकी अच्छी पकड़ है।
