सोनिया ने लिखा कि मनमोहन सिंह की ईमानदारी और जवाबदेही का रिकॉर्ड मोदी सरकार के काम करने के तरीके से बिल्कुल उल्टा था। इतिहास मनमोहन सिंह को शांत, सरल, लेकिन सबसे प्रभावशाली प्रधानमंत्रियों में से एक के तौर पर सम्मान से याद करेगा।
सोनिया ने आरोप लगाया कि मनमोहन सिंह के खिलाफ लॉबी कैंपेन सुनियोजित और संगठित था। इसमें अफसरशाही से लेकर मीडिया, न्यायपालिका, सिविल सोसाइटी और निश्चित तौर पर RSS और BJP से जुड़े लोग शामिल थे। उन्होंने कहा कि आज यह कैंपेन अपने तय अंत यानी शून्य पर पहुंच गया है और डॉ. सिंह हर मामले में बेदाग साबित हुए हैं।
सोनिया बोलीं- 29 जुलाई राजनीतिक इतिहास का अहम दिन
सोनिया गांधी ने कहा कि 29 जुलाई भारत के हालिया राजनीतिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण दिन था। मनमोहन सिंह ईमानदारी और सत्यनिष्ठा वाले इंसान थे। उनके खिलाफ अभियान सुनियोजित और संगठित था। इसमें नौकरशाही, मीडिया, न्यायपालिका, सिविल सोसाइटी के साथ RSS और BJP से जुड़े लोग शामिल थे।
सोनिया ने कहा- सुप्रीम कोर्ट का फैसला सार्वजनिक बहस के सबसे दुखद अध्यायों में से एक का अंत करता है। मनमोहन सिंह हर आरोप में पाक-साफ साबित हुए हैं। मोदी सरकार ने अपराध और भ्रष्टाचार की जांच के लिए बनी ED और CBI जैसी एजेंसियों का साफ तौर पर गलत इस्तेमाल किया।
उन्होंने कहा- इन एजेंसियों का मकसद नेताओं पर दबाव बनाना रहा है। नेताओं को या तो दबाव डालकर चुप करा दिया जाता है, या चालाकी से BJP में शामिल कर लिया जाता है। कुछ मामलों में उन्हें मंत्री पद भी दे दिया जाता है।
