शिकायतकर्ता के मुताबिक सुषमा कोशिक, लक्ष्मी निषाद और सुरेखा रंगारे उसकी परिचित हैं और उसकी मोबाइल दुकान पर आती-जाती हैं। तरेन्द्र का आरोप है कि तीनों ने हिंदू धर्म को लेकर आपत्तिजनक बातें कहीं और उसे ईसाई धर्म अपनाने, यीशु की प्रार्थना करने के लिए कहा। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि महिलाओं ने प्रार्थना करने से दुख-दर्द और बीमारी दूर होने की बात कही।
तरेन्द्र के मुताबिक, घटना से करीब चार-पांच दिन पहले सुषमा ने उसे शुक्रवार को अपने घर में प्रार्थना सभा होने की जानकारी दी थी और वहां आने के लिए कहा था। 21 अगस्त को दोपहर करीब 2:30 बजे वह सुषमा के घर के पास पहुंचा। शिकायत के अनुसार, सुषमा उसे अंदर ले गई, जहां करीब 20-25 लोग प्रार्थना कर रहे थे।
धर्म बदलने से इनकार कर बाहर निकला
तरेन्द्र का आरोप है कि वहां मौजूद सुषमा, लक्ष्मी और सुरेखा ने उसे ईसाई धर्म अपनाने के लिए कहा और प्रार्थना की शक्ति के बारे में बताया। उसने धर्म बदलने से इनकार कर वहां से बाहर निकलने की बात कही।
पुलिस कर रही मामले की जांच
घटना के बाद तरेन्द्र ने अपने दोस्तों को इसकी जानकारी दी और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों, प्रार्थना सभा में मौजूद लोगों और कथित प्रलोभन से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
तथ्यों के आधार पर होगी कार्रवाई
सहायक पुलिस आयुक्त पूर्णिमा लामा ने बताया कि हिंदू संगठनों की ओर से शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
