पंजाब किंग्स को भारी पड़ गई शशांक सिंह की एक गलती, श्रेयस अय्यर नहीं करेंगे माफ, हाथ से ऐसे निकल गया मैच

पंजाब किंग्स को भारी पड़ गई शशांक सिंह की एक गलती, श्रेयस अय्यर नहीं करेंगे माफ, हाथ से ऐसे निकल गया मैच
हैदराबाद: राजीव गांधी स्टेडियम में रनों की ऐसी बारिश हुई कि पंजाब के गेंदबाज बेबस नजर आए। इस मैच में पंजाब किंग्स को खराब फील्डिंग ले डूबी। युजवेंद्र चहल ने अपनी फिरकी के जाल में हैदराबाद के सबसे खतरनाक बल्लेबाज हेनरिक क्लासें को फंसा लिया था, लेकिन डीप बैकवर्ड स्क्वायर पर खड़े शशांक सिंह ने एक आसान सा कैच टपका दिया। उस वक्त क्लासें सिर्फ 9 रन पर थे। इस एक गलती की कीमत पंजाब को कितनी भारी पड़ी, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि क्लासें ने इसके बाद 60 रन और कूट दिए और 43 गेंदों में 69 रनों की पारी खेलकर हैदराबाद का स्कोर 235 तक पहुंचा दिया। पंजाब यह मैच 33 रनों से हारा, जबकि क्लासें ने जीवनदान के बाद हार के अंतर से लगभग दोगुने रन बना डाले।

शशांक की एक गलती नहीं भूलेगा पंजाब

पंजाब किंग्स के लिए यह गलती इतनी ज्यादा भारी पड़ेगी, इस बात का अंदाजा शशांक सिंह को तक नहीं होगा। यह केवल एक कैच नहीं था, बल्कि मैच का सबसे महंगा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ, जिसने पंजाब की सारी रणनीतियों पर पानी फेर दिया। शशांक सिंह की खबार फील्डिंग सिर्फ इसी मैच में नहीं हुई है, इससे पहले भी वह कई मैचों में कैच ड्रॉप करते हुए नजर आए हैं। अर्शदीप सिंह ने तो सोशल मीडिया पर उनकी खराब फील्डिंग का मजाक बनाते हुए एक वीडियो भी पोस्ट किया था।

चहल की मेहनत पर फिरा पानी, किशन को भी मिला जीवनदान

मैच में केवल क्लासें ही नहीं, बल्कि ईशान किशन को भी चहल की गेंद पर जीवनदान मिला। किशन ने ड्रॉप होने के बाद 37 रन और जोड़े और 55 रनों की पारी खेली। अगर इन दोनों कैचों को मिला दिया जाए, तो पंजाब की खराब फील्डिंग ने हैदराबाद के बल्लेबाजों को बोनस वैल्यू गिफ्ट कर दिया। चहल ने अपना काम बखूबी किया और विकेट के मौके बनाए, लेकिन फील्डर्स के साथ न देने के कारण उनके आंकड़े वो कहानी नहीं बयां कर पा रहे जो मैदान पर असल में घटित हुई।

कॉनोली का शतक भी नहीं बचा सका पंजाब की लाज

236 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब की ओर से कूपर कॉनोली ने नाबाद 107 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली। कॉनोली के इस शतक ने पंजाब को मैच में काफी देर तक जीवित रखा, लेकिन अंत में 235 रनों का बोझ बहुत भारी साबित हुआ। अगर पहली पारी में क्लासें और किशन के कैच पकड़े जाते, तो लक्ष्य 180-190 के आसपास हो सकता था, जिसे कॉनोली आसानी से चेज कर लेते। अंत में हैदराबाद ने 33 रनों से जीत दर्ज की और पंजाब को अपनी खराब फील्डिंग की वजह से एक और हार का सामना करना पड़ा।
Advertisement