पंचायत और वार्ड कांग्रेस कमेटी के एक प्रकार से पायलेट प्रोजेक्ट की संभागीय समीक्षा बैठक राहुल गांधी अगले सितंबर के महीने में उज्जैन से करेंगे। तारीख राहुल गांधी की सहमति के बाद घोषित होगी।
उज्जैन संभाग के छह जिलों के बूथ लेवल एजेंट तक होंगे शामिल
कांग्रेस के पंचायत कांग्रेस कमेटी के देश के पहले पायलट प्रोजेक्ट की समीक्षा अब पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी करेंगे। इसके लिए अगले सितंबर में उज्जैन संभाग में पहली संभागीय बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में उज्जैन संभाग के छह जिलों की 29 विधानसभा सीटों से जुड़े कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होंगे।
बैठक में आगर-मालवा, देवास, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर और नीमच जिलों के जिला कांग्रेस कमेटी और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा पंचायत और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने के लिए गठित विभिन्न समितियों के पदाधिकारी भी बैठक में शामिल होंगे।
सौ दिनों का वर्क प्लान होगा तैयार
उज्जैन में होने वाले संभागीय स्तरीय वार्ड एवं पंचायत कांग्रेस सम्मेलन में राहुल गांधी सौ दिनों के प्लान का रोडमैप सामने रखेंगे। अब पंचायत कांग्रेस और वार्ड कांग्रेस की भी निगरानी कनेक्ट सेंटर के जरिए खुद राहुल गांधी करेंगे। वार्ड और पंचायत स्तर पर सौ दिनों के रोडमैप के अनुसार कहां कितना काम हुआ पूरा डेटा डैशबोर्ड राहुल गांधी मॉनिटर करेंगे।
29 विधानसभा क्षेत्रों के संगठन पदाधिकारी होंगे शामिल
बैठक में 2791 पंचायत कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्ष, 1895 वार्ड अध्यक्ष, 748 मंडलम अध्यक्ष, 8648 बूथ लेवल एजेंट (BLA-2) शामिल होंगे। इस तरह पंचायत से लेकर विधानसभा स्तर तक संगठन की स्थिति, गतिविधियों और जमीनी स्तर पर कांग्रेस की सक्रियता की समीक्षा की जाएगी।
कांग्रेस ने पंचायत कांग्रेस कमेटी के गठन को संगठन को गांव और स्थानीय स्तर तक मजबूत करने के पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया है। उज्जैन संभाग की बैठक को इसी प्रयोग की पहली बड़ी संभागीय समीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है।
संगठन की जमीनी स्थिति पर होगा मंथन
बैठक में पंचायत कांग्रेस कमेटियों के गठन के बाद उनकी सक्रियता, स्थानीय स्तर पर संगठन के विस्तार और कार्यकर्ताओं की भागीदारी की स्थिति पर चर्चा होगी। राहुल गांधी के सामने पंचायत से लेकर मंडलम और ब्लॉक स्तर तक संगठन की गतिविधियों की रिपोर्ट भी रखी जाएगी।
कांग्रेस के लिए यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसमें एक साथ छह जिलों की 29 विधानसभा सीटों के जमीनी कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल होंगे। इससे पायलट प्रोजेक्ट की वास्तविक स्थिति और उसके परिणामों का व्यापक आकलन किया जा सकेगा।
संगठन सृजन अभियान को एक साल पूरा
जून में एमपी के संगठन सृजन अभियान के एक साल पूरे हो चुके हैं। पिछले साल 3 जून को भोपाल के रवीन्द्र भवन से राहुल गांधी ने संगठन सृजन अभियान का शुभारंभ किया था। इसके बाद कांग्रेस ने देश भर के अलग-अलग नेताओं को पर्यवेक्षक बनाकर जिला अध्यक्षों के नाम चुने गए थे। कैम्पेन की लॉन्चिंग के 74 दिन बाद 16 अगस्त को सभी 71 जिला अध्यक्षों के नामों की घोषणा हुई थी।
रेंडम वेरिफिकेशन कर सकते हैं राहुल
एमपी संगठन में की गई नियुक्तियों के बाद अब राहुल गांधी संभागवार समीक्षा में किसी भी स्तर के पदाधिकारी से सवाल-जवाब कर सकते हैं। राहुल समीक्षा के दौरान किसी भी बूथ समिति, पंचायत, वार्ड समिति में शामिल सदस्य से मोबाइल पर बात करके भी वेरिफिकेशन और अब तक किए गए कामों के बारे में जानकारी ले सकते हैं।
