भोपाल । प्रदेश में अगले साल नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायतराज संस्थाओं के चुनाव होने हैं। राज्य निर्वाचन आयोग सरपंच और पंच के चुनाव भी इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से करवाना चाहता है, लेकिन यह इतना आसान भी नहीं है।
इसके लिए प्रदेश को 81 हजार कंट्रोल यूनिट और लगभग डेढ़ लाख बैलेट यूनिट की और जरूरत है। आयोग के पास अभी 70 हजार मशीनें हैं, जिसमें हाल ही में खरीदी गईं 15 हजार मशीनें भी शामिल हैं। इसके लिए सरकार ने 50 करोड़ रुपये दिए थे। अब 225 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। इसके लिए आयोग ने सरकार को प्रस्ताव भेजा है।
पंचायतों में तीस प्रतिशत पद रिक्त
प्रदेश में 23 हजार सरंपच और 3.63 लाख पंच के पद हैं। इनमें से लगभग तीस प्रतिशत पद रिक्त रहते हैं, क्योंकि कोई चुनाव के लिए आगे ही नहीं आता है।
सरपंच और पंच का चुनाव ईवीएम से कराने के लिए लगभग एक लाख 35 हजार कंट्रोल यूनिट और तीन लाख से अधिक बैलेट यूनिट की आवश्यकता होगी। प्रदेश के पास जो नई 15 हजार ईवीएम आईं हैं, उन्हें मिलाकर 70 हजार कंट्रोल यूनिट हो गई हैं। इतनी ही कंट्रोल यूनिट की आवश्यकता और पड़ेगी।
साथ ही बैलेट यूनिट दो लाख के करीब लगेंगी। एक कंट्रोल यूनिट में 16 बैलेट यूनिट लगाई जा सकती हैं। इसे देखते हुए आयोग ने राज्य सरकार को एक बार में बडे निवेश का प्रस्ताव दिया है।
225 करोड़ रुपये की जरूरत
सूत्रों का कहना है कि लगभग 225 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। चूंकि, मशीनें भारत सरकार के उपक्रम इलेक्ट्रानिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा तैयार की जाती हैं और इसमें समय लगता है, इसलिए आयोग चाहता है कि विधानसभा के शीतकालीन सत्र में प्रस्तावित बजट प्रावधान हो जाए।
