पाकिस्तानी सेना ने उमर नजीर कश्मीरी के सगे भाई की भी गोली मारकर हत्या कर दी है। 40 लोगों के मारे जाने के बाद उमर नजीर कश्मीरी ने कहा है कि मुजफ्फराबाद की ओर मार्च को अंतिम संस्कार और दफनाने की प्रक्रिया के लिए कुछ समय के लिए रोक दिया गया है लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा है कि जनाजे की प्रक्रिया पूरी होने के ठीक बाद फिर से विरोध-प्रदर्शन और रैलियां शुरू हो जाएंगी।
पीओके में पाकिस्तानी सेना ने किया कत्लेआम
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में पिछले 2 महीने से प्रदर्शन चल रहे हैं जिसे कुचलने के लिए असीम मुनीर की आर्मी ने बेरहमी की हर हदों को पार कर दिया है। पाकिस्तानी सेना ने पीओके को जंग के मैदान में तब्दील कर दिया है और निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर अंधाधुंध फायरिंग की गई हैं। पीओके में पिछले 2 महीने में 100 से ज्यादा लोगों की पाकिस्तानी सेना ने हत्या कर दी है। पाकिस्तान सरकार के खिलाफ एक कश्मीरी महिला ने भारत और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से वहां के निवासियों का समर्थन करने और उनकी आवाज को बुलंद करने की अपील की है।न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक कश्मीरी ने दावा किया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान पिछले तीन दिनों में करीब 40 लोगों की मौत हुई है जिनमें से करीब 20 मौतें मीरपुर में हुईं। हालांकि उन्होंने कहा कि मरने वालों की सही संख्या की पुष्टि अभी नहीं हुई है। उन्होंने कहा 'हमें लगभग 40 लोगों के शहीद होने की खबर मिली है। मीरपुर में भी करीब 20 लोग शहीद हुए हैं। अभी पक्की संख्या पता नहीं है लेकिन इन तीन दिनों में कुल मिलाकर लगभग 40 लोग शहीद हुए हैं। हमारे सैकड़ों लोग घायल हुए हैं।'कश्मीरी ने यह भी आरोप लगाया कि PoK में आम नागरिकों के खिलाफ उन हथियारों का इस्तेमाल किया गया है जिनका इस्तेमाल आमतौर पर 'लाइन ऑफ कंट्रोल' पर किया जाता है। उन्होंने कहा 'ऐसे हथियारों का इस्तेमाल किया गया जिनका इस्तेमाल 'लाइन ऑफ कंट्रोल' पर होना चाहिए या भारत के खिलाफ़ किया जाता है। जम्मू-कश्मीर के निहत्थे लोगों के खिलाफ़ आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया।'











