इस लिस्ट में विराट कोहली सबसे बड़ा नाम हैं। विराट भारत के सबसे महान बल्लेबाजों में दूसरे नंबर पर हैं, लेकिन अजीत अगरकर के कार्यकाल में विराट को अपने पसंदीदा फॉर्मेट से संन्यास लेना पड़ा। विराट ने हमेशा कहा था कि वह टेस्ट क्रिकेट बहुत पसंद करते हैं, लेकिन उन्होंने पिछले साल अचानक ही टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया और अब सिर्फ वनडे खेलते हैं।
वनडे और टी20 में भारत के सबसे अच्छे खिलाड़ी रोहित शर्मा को भी अजीत अगरकर के कार्यकाल में ही टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेना पड़ा। रोहित ने संन्यास का ऐलान करने से कुछ महीने पहले ही साफ किया था कि उन्होंने भले ही टी20 विश्व कप जीतने के बाद इस फॉर्मेट को अलविदा कह दिया है, लेकिन वह बाकी दोनों फॉर्मेट लंबे समय तक खेलना चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने अचानक ही संन्यास का ऐलान कर सभी को चौका दिया था।
अजीत अगकर के फैसलों से अगर किसी का करियर सबसे खराब तरीके से प्रभावित हुआ तो वह सूर्यकुमार यादव थे। टी20 में मौजूदा टीम इंडिया जिस अंदाज में बल्लेबाजी करती है, उसकी शुरुआत सूर्यकुमार यादव ने ही की थी। 2024 में यादगार कैच पकड़कर टीम को खिताब जिताया फिर 2026 में अपनी कप्तानी में लगातार दूसरी बार चैंपियन बनाया। इसके बावजूद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। सूर्या ने भारत के लिए आखिरी मैच टी20 विश्व कप का फाइनल खेला था। इसमें वह कप्तान थे और टीम चैंपियन बनी। इसके बाद उन्हें कभी मौका नहीं मिला। अगर विश्व चैंपियन कप्तान की ही जगह टीम में पक्की नहीं है तो यह बेहद हैरान करने वाली बात है।
अजीत अगरकर के खराब फैसलों का खुलासा भुवनेश्वर की वापसी के साथ ही शुरू हुआ था। जैसे ही वह चीफ सेलेक्टर के पद से हटे। वैसे ही भुवनेश्वर को टी20 टीम में चुन लिया गया। इससे पहले वह लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे। आईपीएल में भी टॉप विकेट टेकर थे, लेकिन अजीत अगरकर का पूरा ध्यान हर्षित राणा पर था। इस वजह से उनकी कई बार आलोचना भी हुई, लेकिन वह हर्षित को मौके देते रहे। अब तक हर्षित ने ऐसे कोई संकेत नहीं दिखाए हैं कि वह बुमराह की तरह महान गेंदबाज हैं।
मोहम्मद शमी वनडे विश्व कप 2023 में भारत के सबसे अच्छे गेंदबाज थे। पूरी दुनिया के क्रिकेट फैंस की जुबान पर उनका ही नाम था। हालांकि, 2 साल के अंदर शमी भारतीय टीम से बाहर हो गए और अब तक वापसी का इंतजार कर रहे हैं। इस दौरान शमी ने लगातार घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया। उनसे कम उम्र वाले गेंदबाजों को मौके दिए गए और बड़े स्तर पर अनुभवहीन गेंदबाज फेल भी होते रहे, लेकिन शमी की वापसी नहीं हुई। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि वनडे टीम में शमी को भी वापस लाया जा सकता है।
सरफराज खान उन युवा खिलाड़ियों में शामिल हैं, जो अजीत अगरकर को नहीं भाए। सरफराज ने घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाकर चयनकर्ताओं को मजबूर कर दिया तो उन्हें टीम इंडिया में शामिल किया गया, लेकिन हर्षित राणा या साई सुदर्शन के तरह नियमित मौके नहीं मिले। जिस सीरीज में पूरी टीम से रन नहीं बने। भारत के दिग्गज बल्लेबाज रनों के लिए तरस गए। उस सीरीज में सामान्य प्रदर्शन के कारण सरफराज को बाहर किया गया। अब उनके लिए भी टेस्ट टीम के दरवाजे खुल सकते हैं।
अभिमन्यू ईश्वरन को अजीत अगरकर के कार्यकाल में सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है। ईश्वरन ने 116 फर्स्ट क्लास मैच में 47 से ज्यादा के औसत से 8564 रन बनाए हैं। लिस्ट ए मैचों में भी उनका औसत 46 से ज्यादा है और उनके नाम 4 हजार से ज्यादा रन हैं। इसके बावजूद वह अब तक भारत के लिए कोई मैच नहीं खेल पाए हैं। 31 साल के इस बल्लेबाज को भी आने वाले समय में टीम इंडिया में मौके मिलने की उम्मीद है।
