भोपाल। मध्य प्रदेश में गिद्ध संरक्षण की दिशा में चल रही प्रदेशव्यापी गिद्ध गणना 2026-27 शुक्रवार से शुरू हो गई। गणना के पहले ही दिन शहडोल जिले के ब्यौहारी बफर रेंज अंतर्गत बोचरो पहाड़ बीट में दुर्लभ
सफेद गिद्ध अपने दो बच्चों के साथ घोंसले में मिला। वन विभाग के अनुसार यह प्रजाति लुप्तप्राय श्रेणी में मानी जाती है।प्रदेशभर में यह गणना 24 मई तक सूर्योदय से सुबह नौ बजे के बीच की जाएगी। इसमें सभी 16 वन वृत्त, नौ टाइगर रिजर्व, वन विकास निगम क्षेत्र और अन्य संरक्षित क्षेत्रों को शामिल किया गया है।
8,163 गिद्ध किए चिह्नित
पहले दिन की गणना में प्रदेशभर में 8,163 गिद्धों को चिह्नित किया गया। यह कार्य करीब 75 वन मंडलों के 8,429 चयनित स्थलों पर वन अमले और स्वयंसेवकों की मदद से ऑनलाइन एप के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे आंकड़ों का संकलन आसान हो सके।
गणनाकर्मी सूर्योदय के तुरंत बाद गिद्धों के घोंसलों के आसपास पहुंचकर वहां बैठे गिद्धों और उनके नवजात बच्चों की संख्या दर्ज कर रहे हैं।
गणना के दौरान केवल आवास और विश्राम स्थलों पर मौजूद गिद्धों को ही शामिल किया जा रहा है, जबकि उड़ते हुए गिद्धों को गणना में नहीं लिया जा रहा।
इस वर्ष गिद्ध गणना में वन विभाग के साथ पक्षी विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, छात्र और स्थानीय नागरिक भी भागीदारी कर रहे हैं। वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां पूरे प्रदेश से प्राप्त डाटा का संकलन किया जा रहा है।
वन विभाग के अनुसार प्रदेशव्यापी गिद्ध गणना की शुरुआत वर्ष 2016 में हुई थी, तब 7,028 गिद्ध दर्ज किए गए थे। वर्ष 2025 की ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन गणना में 8,810 गिद्ध पाए गए थे, जिनमें 7,768 वयस्क और 1,042 किशोर गिद्ध शामिल थे।











