लखनऊ अग्निकांड: मौत की दस्तक का बार-बार संकेत दे रही थी बिल्डिंग की MCB, लापरवाही ने छीन लीं 15 जिंदगियां

लखनऊ अग्निकांड: मौत की दस्तक का बार-बार संकेत दे रही थी बिल्डिंग की MCB, लापरवाही ने छीन लीं 15 जिंदगियां
लखनऊ: शहर के अलीगंज में स्थित एनिमेशन संस्थान में आग लगने से 15 युवकों की मौत हो गई और 9 लोग घायल हो गए हैं। भवन में आग लगने के पीछे घोर लापरवाही की बात समाने आई है। इस भवन में बिजली का लोड स्वीकृत लोड से डेढ़ गुने से ज्यादा था। बिजली की भारी खपत होने से मिनिएचर सर्किट ब्रेकर (एमसीबी) बार-बार ट्रिप हो रहा था। लेकिन बिल्डिंग की देखरेख करने वाले खतरे के इस संकेत को समझने और उपाय करने के बजाय एमसीबी को हर बार ऑन करते रहे। इस लापरवाही का नतीजा इस दर्दनाक घटना के रूप में सामने आया।

एमसीबी बार-बाद दे रही थी चेतावनी

अलीगंज के जिस भवन में आग लगी, उसमें बिजली की लाइन में लगी एमसीबी बार-बार खतरे का संकेत दे रही थी। भवन में बार-बार बिजली की सप्लाई बंद हो रही थी। यह एमसीबी के गिरने (ट्रिप) के कारण हो रहा था। इसकी शिकायत भवन के किरायेदारों ने बिल्डिंग का रखरखाव करने वाले से की थी। हालांकि उसने इस पर ध्यान नहीं दिया। जैसे ही एमसीबी बिजली सप्लाई बंद करती, भवन का मेंटेनेंस करने वाले अखिलेश शुक्ला एमसीबी फिर से चालू कर देते।

शिकायत पर नहीं किया गया समुचित उपाय

भवन के किरायेदारों के अनुसार इस व्यावसायिक भवन के मेंटेनेंस का जिम्मा अखिलेश शुक्ला के पास है। गर्मी का मौसम शुरू होने के बाद से प्रत्येक दिन कई बार एमसीबी से बिजली सप्लाई बंद हो रही थी। होना यह था कि यदि एमसीबी बार-बार ट्रिप हो रही थी तो इसकी जांच की जानी चाहिए थी। बिल्डिंग में बिजली का लोड बढ़ रहा था और इसी कारण बिजली सप्लाई बंद हो रही थी। लेकिन घोर लापरवाही के चलते समय पर आवश्यक उपाय नहीं किए गए और यह दुखद घटना हो गई। यदि सजगता से उपाय किए जाते तो इस हादसे से बचा जा सकता था।

तीन कारणों से एमसीबी बंद कर देती है बिजली सप्लाई

एक वरिष्ठ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के मुताबिक, एमसीबी प्रमुख रूप से तीन कारणों से ट्रिप होती है। ऐसा होने पर इसके कारण का पता लगाया जाना चाहिए। यदि भवन में कहीं शॉर्ट सर्किट हो जाए तो एमसीबी गिर जाएगी। यदि बिजली की खपत के स्वीकृत लोड से ज्यादा लोड का उपयोग किया जा रहा है तो एमसीबी सप्लाई बंद कर देगी। इसके अलावा यदि बिजली की फिटिंग में कहीं वायरिंग में कोई तकनीकी खामी है तो एमसीबी गिर जाती है। एमसीबी सुरक्षा के लिए है और यह बिजली उपभोक्ता को चेतावनी देती है।

बिजली के लोड के आंकड़े स्पष्ट कर रहे हादसे का कारण

अलीगंज के भवन में बिजली की खपत में उपयोग किए गए लोड के आंकड़े इस हादसे का कारण स्पष्ट करने वाले प्रतीत होते हैं। इस बिल्डिंग के बिजली कनेक्शन में स्वीकृत लोड 20 केवी है। पिछले सात महीनों के आंकड़ों से पता चलता है कि तीन महीनों में बिजली खपत का लोड मंजूर लोड से काफी अधिक था। दिसंबर 2025 में 18 केवी लोड था। जनवरी 2026 में 16.8 केवी, फरवरी 2026 में 16.44 केवी और मार्च 2026 में 18.4 केवी का लोड था। यह लोड तय सीमा 20 केवी से कम था। लेकिन गर्मी बढ़ते ही अप्रैल 2026 में लोड 24.3 केवी हो गया। मई 2026 में यह और बढ़ा और 28.6 केवी हो गया। इसके बाद जून 2026 में लोड 34.5 केवी हो गया। यानी भवन में बिजली का उपयोग तय सीमा से दोगुने से थोड़ा ही कम हो रहा था। यही कारण था कि एमसीबी बार-बार ट्रिप हो रही थी। वह खतरे के संकेत बार-बार दे रही थी लेकिन इसे बार-बार अनदेखा किया गया।
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