केंद्रीय वित्त मंत्रालय की तरफ से जारी एक बयान में कहा कि इस तरह की अफवाहें फैलाई जा रही है कि सरकार मंदिर ट्रस्टों या धार्मिक संस्थानों के पास मौजूद सोने के लिए मोनेटाइजेशन स्कीम ला रही है। इनमें कोई सच्चाई नहीं हैं। ये निराधार और गुमराह करने वाली हैं। सरकार ने साथ ही साफ किया है कि मंदिरों के स्तंभों, दरवाजों या किसी अन्य ढांचे पर मढ़े गए सोने को स्ट्रैटजिक गोल्ड रिजर्व घोषित करने के दावे भी झूठे हैं और इनका कोई आधार नहीं है।
सरकार ने क्या कहा
बयान में लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। इस तरह की अपुष्ट खबरों से लोगों में भ्रम पैदा होता है। सरकार ने सभी लोगों से अनुरोध किया है कि वे केवल आधिकारिक बयानों पर भरोसा करें। सरकार की तरफ से लिए जाने वाले किसी भी फैसले या स्कीम की जानकारी आधिकारिक प्रेस रिलीज, सरकारी वेबसाइट और वेरिफाइड पब्लिक कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म्स पर साझा किया जाता है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान युद्ध के मद्देनजर देशवासियों से पेट्रोल-डीजल और खाने के तेल की खपत कम करने, एक साल तक सोना नहीं खरीदने, रासायनिक खाद का प्रयोग कम करने और विदेश यात्रा से परहेज करने की अपील की थी। इससे विदेशी मुद्रा बचेगी और चालू खाते का घाटा कम होगा। इससे रुपये पर भी दबाव कम होगा। इस साल रुपये की कीमत में भारी गिरावट आई है और यह एशिया में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली करेंसी है।











