एक महीने बाद भी उसका कोई सुराग नहीं लगा है। परिजनों का आरोप है कि दोस्तों ने विवाद के बाद 8 सितंबर को गणेश को नागपुर जाने वाली ट्रेन में बैठाने की बात कही थी, लेकिन रेलवे स्टेशन के CCTV में वह ट्रेन में चढ़ता नहीं दिखा। बुधवार को परिजन पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह से मिलने पहुंचे।
विवाद के बाद ट्रेन में बैठाने का दावा
गणेश की मां लालूबाई ने 13 सितंबर को लसूड़िया थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिजनों के अनुसार, गणेश के साथ गए दोस्त भूपेंद्र और अन्य साथियों ने बताया कि 7 सितंबर की रात गणेश ने शराब पीकर विवाद किया था।
इसके बाद 8 सितंबर की सुबह उसे नागपुर की ट्रेन में बैठा दिया गया था। परिजनों ने रेलवे स्टेशन का CCTV देखा तो गणेश ट्रेन में चढ़ता हुआ दिखाई नहीं दिया। जिस होटल में विवाद होने की बात कही गई थी, उसके संचालक ने भी झगड़ा होने से इनकार किया है।
ओडिशा में मंदिरों और आसपास तलाशते रहे
परिजनों का कहना है कि लसूड़िया थाने में मदद मांगने पर पुलिसकर्मियों ने उन्हें खुद ओडिशा जाकर गणेश को तलाशने की सलाह दी। इसके बाद परिवार ओडिशा पहुंचा और मंदिरों व आसपास के इलाकों में गणेश की फोटो दिखाकर पूछताछ की, लेकिन उसका पता नहीं चला।
पुलिस कमिश्नर से लगाई मदद की गुहार
बुधवार को परिवार पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह से मिलने पहुंचा। परिजनों का आरोप है कि लसूड़िया पुलिस उन्हें बार-बार थाने बुलाकर खुद ओडिशा जाकर तलाश करने की बात कह रही है।
शाम तक थाने पर बैठने के बाद भी उन्हें किसी तरह की मदद नहीं मिली। परिजनों का कहना है कि एक महीने बाद भी गणेश का कोई अता-पता नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
