भारत का पक्ष रखते हुए जिनेवा में 'कॉन्फ्रेंस ऑन डिसआर्मामेंट' में भारत के स्थायी मिशन के सीनियर एडवाइजर (निरस्त्रीकरण) अनमोल शेर सिंह बेदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत टकराव नहीं चाहता लेकिन चेतावनी दी कि गैर-जिम्मेदाराना हरकतों के लिए जवाबदेही न होने से इस इलाके में संकट और बढ़ते हैं।
भारत ने पाकिस्तान के परमाणु ब्लैकमेलिंग पर क्या कहा?
बेदी ने कहा 'हम मांग करते हैं कि भारत के जिन इलाकों पर गैर-कानूनी तरीके से कब्जा किया गया है उन्हें खाली किया जाए और वापस लौटाया जाए।' उन्होंने कहा 'भारत हमेशा शांति के पक्ष में रहा है और सभी के साथ शांति बनाए रखना चाहता है। लेकिन अगर गैर-जिम्मेदाराना हरकतों के लिए कोई जवाबदेही नहीं होती है तो शांति शायद ही संकटों के बीच का कोई ठहराव बन पाती है।'उन्होंने कहा कि भारत की क्षमताएं 'बचाव के मकसद से' हैं और किसी देश के खिलाफ नहीं हैं। उन्होंने कहा, 'हमने तनाव बढ़ने को लेकर चिंताएं सुनीं। ये जायज चिंताएं हैं। हालांकि समय के साथ किए गए कामों से ही इनका सही अंदाजा लगाया जा सकता है। परमाणु हथियारों को शासन-संचालन को आम औजारों की तरह नहीं देखा जाना चाहिए।' बेदी ने आगे कहा 'एक ऐसा रुख जो आतंकी/अप्रत्यक्ष गतिविधियों के परिणामों को छिपाने या सीमित करने के लिए परमाणु धमकी का सहारा लेता है वह तनाव के जोखिम को बढ़ाता है न कि संयम की संभावना को।'
