इसके साथ ही, स्वतंत्र इकाई के रूप में अपने पहले ही तिमाही नतीजों के दौरान कंपनी के निदेशक मंडल ने 8 रुपये प्रति शेयर के अंतरिम लाभांश (Interim Dividend) की घोषणा की है। हाल में डिमर्जर के बाद कंपनी शेयर मार्केट में स्वतंत्र रूप से सूचीबद्ध हुई है।
कैसा रहा कंपनी का रिपोर्ट कार्ड?
- जून तिमाही के दौरान वेदांता एल्युमीनियम का समेकित राजस्व सालाना आधार पर 45% बढ़कर अब तक के उच्चतम स्तर 21,105 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वैश्विक बाजार में एल्युमीनियम की कीमतों में 46% की तेजी और बिक्री में वृद्धि इसका मुख्य कारण रही।
- कंपनी का EBITDA दोगुने से अधिक होकर 10,499 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर आ गया। इसके परिणामस्वरूप कंपनी का EBITDA मार्जिन एक साल पहले के 31% से उछलकर 50% हो गया।
- तिमाही के दौरान एल्युमीनियम का उत्पादन खर्च सालाना आधार पर 4% और तिमाही आधार पर 3% घटकर 1,698 डॉलर प्रति टन रहा। कंपनी ने पूरे चालू वित्त वर्ष के लिए उत्पादन लागत 1,650 डॉलर से 1,700 डॉलर प्रति टन के दायरे में रहने का अनुमान जताया है।
- एल्युमीनियम के प्रति टन उत्पादन पर EBITDA बढ़कर 1,804 डॉलर प्रति टन के सर्वकालिक उच्च स्तर पर दर्ज किया गया।
- कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 (FY27) के लिए 26 से 27 लाख टन एल्युमीनियम और 40 से 41 लाख टन एल्युमिना उत्पादन का लक्ष्य रखा है।
डिमर्जर और विस्तार परियोजनाएं
जून में वेदांता लिमिटेड (Vedanta Ltd) से अलग होकर चार नई कंपनियां वेदांता एल्युमीनियम मेटल, वेदांता पावर, वेदांता ऑयल एंड गैस और वेदांता आयरन एंड स्टील शेयर बाजार में स्वतंत्र रूप से सूचीबद्ध हुई थीं।











