बाबा रामदेव की फाइनेंशियल सेक्टर में एंट्री, पतंजलि की 4,500 करोड़ की डील को मिली हरी झंडी

बाबा रामदेव की फाइनेंशियल सेक्टर में एंट्री, पतंजलि की 4,500 करोड़ की डील को मिली हरी झंडी
नई दिल्ली: बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद के लिए फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर में एंट्री का रास्ता साफ हो गया है। पतंजलि आयुर्वेद और धर्मपाल सत्यपाल ग्रुप (DS ग्रुप) ने पिछले साल मार्च में लगभग 4,500 करोड़ रुपये में नॉन-लाइफ इंश्योरेंस कंपनी मैग्मा जनरल इंश्योरेंस को खरीदने की घोषणा की थी। ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) ने इस सौदे को मंजूरी दे दी है।

हर्बल और अन्य FMCG प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी पतंजलि आयुर्वेद की मैग्मा जनरल इंश्योरेंस में 73.6% हिस्सेदारी होगी जबकि रजनीगंधा पान मसाला बनाने वाले DS ग्रुप की 24.5% हिस्सेदारी खरीदेगा। 28 जुलाई को मिली मंजूरी की शर्तों के तहत पतंजलि अब मैग्मा जनरल इंश्योरेंस की प्रमोटर बन जाएगी और कंपनी की सॉल्वेंसी और ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए कैपिटल लगाती रहेगी। वहीं DS ग्रुप अधिग्रहण करने वाले कंसोर्टियम में को-इन्वेस्टर के तौर पर शामिल होगा।

कंपनी की स्थिति

केयरएज रेटिंग्स ने मार्च में कहा था कि मैग्मा जनरल इंश्योरेंस का ग्रॉस डायरेक्ट प्रीमियम FY21 और FY25 के बीच 22% की कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़कर 3,334 करोड़ रुपये हो गया, जबकि जनरल इंश्योरेंस इंडस्ट्री की CAGR 10% थी। इंश्योरेंस कंपनी ने FY25 में ब्रेक-ईवन हासिल किया और 1 करोड़ रुपये का प्रॉफिट दर्ज किया, जबकि FY24 में उसे 141 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।

FY26 के पहले नौ महीनों में कंपनी ने 27 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। 31 दिसंबर, 2025 को इसकी सॉल्वेंसी मार्जिन 1.81x थी, जो 1.50x की रेगुलेटरी सीमा से ज्यादा है। इसका मतलब है कि इसके पास 268 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कैपिटल है। अलग-अलग कैटेगरी में 70 से ज्यादा प्रोडक्ट वाली यह कंपनी जनरल इंश्योरेंस सेक्टर में सभी बड़े रिस्क से सुरक्षा के लिए इंश्योरेंस देती है।

एक्सेस का फायदा

पतंजलि आने वाले दिनों में इस इंश्योरेंस कंपनी के प्रोडक्ट्स की रेंज बढ़ा सकती है और पूरे भारत में अपनी पहुंच का विस्तार कर सकती है। पतंजलि के पास डिस्ट्रिब्यूशन की बहुत बड़ी ताकत है, जिसमें ग्रामीण बाजारों तक पहुंच भी शामिल है। इसके प्रोडक्ट्स देश भर में लगभग दो लाख काउंटर्स पर उपलब्ध हैं।
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