टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक रुपये में स्थिरता और निवेश के ट्रेंड में बदलाव के कारण ऐसा हुआ है। सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में हाल में आई गिरावट के कारण ऐसा हो रहा है। इस बदलाव ने साल की शुरुआत के माहौल को पूरी तरह बदल दिया है। तब विदेशकों ने भारतीय बाजार में भारी बिकवाली की थी। उस समय वैल्यूएशन, ग्लोबल अनिश्चितता और कैपिटल फ्लो में बदलाव की चिंताओं के कारण लगातार निकासी हो रही थी।
जुलाई में पैसों की बरसात! 10 दिनों में विदेशी निवेशकों ने झोंके 24,662 करोड़
नई दिल्ली: भारतीय बाजार के लिए अच्छी खबर है। महीनों तक लगातार बिकवाली के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) ने भारतीय बाजार में पैसा लगाना शुरू कर दिया है। जुलाई में वे नेट खरीदार बन गए हैं और महीने के पहले 10 दिनों में उन्होंने भारतीय बाजार में $2.59 अरब (₹24,662 करोड़) का निवेश किया है। जून में भारतीय डेट में दिलचस्पी दिखाने वाले विदेशी निवेशकों ने जुलाई में इक्विटी में भी अपनी दिलचस्पी बढ़ाई है।
टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक रुपये में स्थिरता और निवेश के ट्रेंड में बदलाव के कारण ऐसा हुआ है। सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में हाल में आई गिरावट के कारण ऐसा हो रहा है। इस बदलाव ने साल की शुरुआत के माहौल को पूरी तरह बदल दिया है। तब विदेशकों ने भारतीय बाजार में भारी बिकवाली की थी। उस समय वैल्यूएशन, ग्लोबल अनिश्चितता और कैपिटल फ्लो में बदलाव की चिंताओं के कारण लगातार निकासी हो रही थी।
इससे पहले मार्च और मई के बीच विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय बाजारों से $24 अरब से ज्यादी की निकासी की। मार्च में रेकॉर्ड $13.6 अरब की निकासी हुई थी। हालांकि जून में $531 मिलियन के नेट निवेश के साथ थोड़ी रिकवरी दिखी। लेकिन जुलाई ने उस ट्रेंड को और मजबूत किया है। 1 जुलाई से 10 जुलाई के बीच हर ट्रेडिंग सेशन में पॉजिटिव नेट निवेश दर्ज किया गया। इस दौरान 9 जुलाई को एक ही दिन में लगभग $978 मिलियन का निवेश हुआ।
टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक रुपये में स्थिरता और निवेश के ट्रेंड में बदलाव के कारण ऐसा हुआ है। सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में हाल में आई गिरावट के कारण ऐसा हो रहा है। इस बदलाव ने साल की शुरुआत के माहौल को पूरी तरह बदल दिया है। तब विदेशकों ने भारतीय बाजार में भारी बिकवाली की थी। उस समय वैल्यूएशन, ग्लोबल अनिश्चितता और कैपिटल फ्लो में बदलाव की चिंताओं के कारण लगातार निकासी हो रही थी।











