'प्रोसीडिंग्स ऑफ द रॉयल सोसाइटी बी' में प्रकाशित इस ऐतिहासिक रिसर्च के मुताबिक बाहरी संपर्क से पूरी तरह अलग-थलग रहने के बावजूद इन भेड़ों की जेनेटिक वेरायटी कम होने के बजाय बढ़ गई। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस अनोखे चमत्कार के पीछे कुदरत की 'बैलेंसिंग सिलेक्शन' प्रक्रिया और इस आबादी में पाई जाने वाली 33.8% जुड़वां बच्चे पैदा करने की दर है। इस खोज ने दुनिया भर के आनुवंशिकी विदों और जनसंख्या मॉडल को पूरी तरह से चौंका दिया है।
पेरिस से करगुएलेन द्वीप पर छोड़े गये थे दो भेड़
रिपोर्ट के मुताबिक पेरिस के विन्सेन्स चिड़ियाघर से कॉर्सिकन मौफ्लॉन की एक नर और एक मादा जो सिर्फ एक साल के थे उन्हें लाकर हॉट आइलैंड पर छोड़ा गया था। यह द्वीप 6.5 वर्ग किलोमीटर का इलाका है जो रियूनियन से लगभग 3,000 किलोमीटर दूर है। रियूनियन वह जगह है जहां से पोर्ट-ऑक्स-फ्रेंकोइस में मौजूद रिसर्च बेस के लिए सप्लाई जहाज रवाना होते हैं। उस समय इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को यह अंदाजा नहीं था कि यह जोड़ा आगे चलकर पॉपुलेशन जेनेटिक्स यानि आबादी से जुड़े आनुवंशिकी विज्ञान की एक जानी-मानी धारणा को चुनौती देगा।हॉट आइलैंड दक्षिणी हिंद महासागर में केर्ग्यूलेन द्वीप समूह में स्थित है। यह फ्रांस के अधिकार वाला एक अलग-थलग द्वीप है जहां मुख्य स्थायी सुविधा के तौर पर एक वैज्ञानिक स्टेशन बना हुआ है। शुरुआत में मौफ्लॉन की आबादी तेजी से बढ़ी क्योंकि वहां उनका शिकार करने वाले कोई जानवर नहीं थे और न ही वे कहीं और गए। 1970 के दशक की शुरुआत तक इनकी संख्या लगभग 100 हो गई और 1977 में यह बढ़कर 700 तक पहुंच गई।
समय के साथ इनकी आबादी में उतार-चढ़ाव आते रहे लेकिन संख्या 700 से ज्यादा तक पहुंच गई। इसके बाद संख्या तेजी से घटी और आगे भी घटती-बढ़ती रही। इसके अलावा हर दो से पांच साल में बड़ी संख्या में इनकी मौतें भी होती रहीं। दशकों बाद जब जीव-वैज्ञानिकों ने इस झुंड पर ध्यान दिया तब तक यह पूरी तरह से जंगली झुंड बन चुका था और इसमें शामिल सभी जानवर उन्हीं दो मूल जानवरों की संतानें थीं।
समय के साथ इनकी आबादी में उतार-चढ़ाव आते रहे लेकिन संख्या 700 से ज्यादा तक पहुंच गई। इसके बाद संख्या तेजी से घटी और आगे भी घटती-बढ़ती रही। इसके अलावा हर दो से पांच साल में बड़ी संख्या में इनकी मौतें भी होती रहीं। दशकों बाद जब जीव-वैज्ञानिकों ने इस झुंड पर ध्यान दिया तब तक यह पूरी तरह से जंगली झुंड बन चुका था और इसमें शामिल सभी जानवर उन्हीं दो मूल जानवरों की संतानें थीं।
