बाड़मेर के धनाऊ थाना क्षेत्र में शिकारियों ने शुक्रवार (6 नवंबर) रात में दो हिरणों को मार दिया। तीसरे को मारने की कोशिश में शोर मचा तो भाग गए।
इससे पहले शिकारियों ने एक मरे हुए हिरण के पैर बांधकर पेड़ पर उल्टा लटका दिया। घटना नेहरों की नाड़ी और बिसारणिया गांव में रात करीब 12 बजे की है।
ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी एक रहस्यमयी डिब्बा लाए थे, उसमें से आ रही आवाज से वे हिरणों को अपनी ओर बुला रहे थे।
लगातार हो रहे शिकार से गुस्साए वन्यजीव प्रेमी और ग्रामीण शुक्रवार रात से धरने पर बैठे हैं। वे आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
पशुओं की आवाज सुनकर जागे ग्रामीण
एडवोकेट जगदीश ढाका ने बताया कि धनाऊ के नेहरों की नाड़ी, बिसारणिया गांव के चारों तरफ रेतीले धोरें हैं। यहां हिरणों की संख्या ज्यादा है।
शुक्रवार रात दो हिरणों को मारने के बाद शिकारी तीसरे हिरण का पीछा करते हुए ग्रामीण कंवराराम चौधरी के पशुओं के बाड़े तक पहुंच गए।
उनके हाथ में लोहे का एक डिब्बा था। उसमें कुछ सामान डालकर वे आवाज कर रहे थे, ताकि हिरणों का ध्यान अपनी तरफ खींच सकें।
डिब्बे की आवाज सुनकर बाड़े में बंधी गाय और भैंस घबराकर भागने लगीं और चिल्लाने लगीं। उनकी आवाज कंवराराम और दूसरे ग्रामीण जाग गए।
शिकारियों को ललकारा, अंधेरे के कारण भागे
कंवराराम और दूसरे ग्रामीणों गांव ने बाहर आकर शिकारियों को ललकारा, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने शिकारियों का पीछा किया, लेकिन वे भागने में सफल रहे। धनाऊ पुलिस का कहना है कि देर रात 3 आरोपियों को हिरासत में लिया है। फिलहाल उनसे पूछताछ की जा रही है।
हिरणों के शव फेंककर भागे थे शिकारी
करीब 3 महीने पहले भी बाड़मेर के पास बालोतरा में हिरणों के शिकार का मामला सामने आया था। पाबूपुरा गांव में शिकारी दो हिरणों को मारकर अपने साथ ले जा रहे थे। ग्रामीणों ने करीब 5 किलोमीटर तक उनका पीछा किया। इसके बाद आरोपी दोनों हिरणों को फेंककर भाग गए थे। नाराज ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन भी किया था।

