जहाज पर हमला होने और डूबने के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी एक बयान में हमले की निंदा की गई और इसे बिना उकसावे वाली, बिना सुरक्षा वाले नागरिक जहाज पर किया गया हमला बताया गया। नई दिल्ली ने इस इलाके में व्यापारिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों पर भी चिंता जताई और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर सुरक्षित और बिना रुकावट के आवाजाही बहाल करने की अपनी मांग दोहराई।
लाल सागर में भारतीय जहाज किसने डुबोया, भारत क्यों नहीं लेता नाम? चाहे अमेरिका हो या ईरान का हमला
नई दिल्ली/रियाद: यमन के पास लाल सागर में भारतीय झंडे वाले एक व्यापारिक जहाज को मिसाइल या रॉकेट जैसे किसी प्रोजेक्टाइल से हमला कर डूबो दिया गया। इस जहाज का नाम ''MSV फ़ैज़े नूरे ओलिया' था और ये यमन के करीब वाले समुद्री रास्ते से गुजर रहा था। हालांकि अच्छी बात ये थी इस जहाज पर सवाल सभी 13 भारतीय क्रू मेंबर्स और एक विदेशी नागरिक को यमनी कोस्ट गार्ड ने सुरक्षित बचा लिया और मोखा बंदरगाह पहुंचाया।
इसके अलावा हूती विद्रोहियों को ईरान का सीधा समर्थन हासिल है। भारत और ईरान के बीच चाबहार पोर्ट और मध्य एशिया व्यापार को लेकर बेहद महत्वपूर्ण रिश्ते हैं। हूतियों पर सीधा हमलावर रुख अपनाने का असर दिल्ली-तेहरान के कूटनीतिक रिश्तों पर पड़ सकता है जिसे भारत फिलहाल बचाना चाहता है। भारत के सामने पहले से ही होर्मुज संकट है इसीलिए हो सकता है कि भारत का किसी का नाम नहीं लेने का फैसला रणनीतिक हो सकता है।











