मानस बाजेपयी एसबीआई बैंक में अकाउंटेंट था। पुलिस को उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। उसने कम समय में तीन हथियार- दो पिस्टल और एक तमंचे का इंतजाम किया था। पुलिस को शक है कि वकील ने मानस को हथियारों के किसी सप्लायर से संपर्क करने में मदद की होगी। जल्द ही वकील से पूछताछ की जा सकती है।
पुलिस के लिए बना पहेली
मानस का कोई आपराधिक बैकग्राउंड न होने के कारण कम समय में तीन हथियार हासिल करना पुलिस के लिए एक बड़ी पहेली बन गया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या हथियारों के सप्लायरों के साथ उसके पहले से कोई संबंध थे या हथियार खास तौर पर 18 अगस्त को फैमिली कोर्ट की सुनवाई के बाद हासिल किए गए थे।
कॉल डिटेल निकाल रही पुलिस
सूत्रों के मुताबिक, मानस के कॉन्टैक्ट्स और बातचीत की जांच के बाद वकील का नाम सामने आया। पुलिस कॉल-डिटेल रिकॉर्ड और डिजिटल सबूतों की भी जांच कर सकती है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हथियारों को हासिल करने से ठीक पहले बाजपेयी और वकील के बीच कोई बातचीत हुई थी या नहीं।
मानस का कोई आपराधिक बैकग्राउंड न होने के कारण कम समय में तीन हथियार हासिल करना पुलिस के लिए एक बड़ी पहेली बन गया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या हथियारों के सप्लायरों के साथ उसके पहले से कोई संबंध थे या हथियार खास तौर पर 18 अगस्त को फैमिली कोर्ट की सुनवाई के बाद हासिल किए गए थे।
कॉल डिटेल निकाल रही पुलिस
सूत्रों के मुताबिक, मानस के कॉन्टैक्ट्स और बातचीत की जांच के बाद वकील का नाम सामने आया। पुलिस कॉल-डिटेल रिकॉर्ड और डिजिटल सबूतों की भी जांच कर सकती है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हथियारों को हासिल करने से ठीक पहले बाजपेयी और वकील के बीच कोई बातचीत हुई थी या नहीं।
